Bihar: राज्य में ऊर्जा संकट और रसोई गैस की कमी को देखते हुए बिहार सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन की दुकानों के जरिए कुकिंग कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग
Bihar: राज्य में ऊर्जा संकट और रसोई गैस की कमी को देखते हुए बिहार सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राशन की दुकानों के जरिए कुकिंग कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है ताकि लोगों को खाना बनाने में दिक्कत न हो।
राशन दुकान से कोयला क्यों मिलेगा?
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से ऊर्जा सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। इस कारण राज्य में LPG की उपलब्धता में समस्या आ रही है। ऐसे में सरकार ने कोयले को एक वैकल्पिक ईंधन के रूप में चुनने का फैसला किया है ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
किन्हें मिलेगा इसका लाभ और कैसे होगा वितरण?
यह सुविधा मुख्य रूप से उन लोगों को मिलेगी जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के दायरे में आते हैं। वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए जिला और मुख्यालय स्तर पर निगरानी की जाएगी।
- लाभार्थी: अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिकता वाले परिवार (PHH) कार्डधारक।
- वितरण केंद्र: जन वितरण प्रणाली (PDS) की राशन दुकानें।
- नियम: यह वितरण आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत किया जाएगा।
योजना को लागू करने के लिए क्या तैयारी है?
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार कर ली है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कोयले की आपूर्ति, स्टोरेज और वितरण को व्यवस्थित तरीके से लागू करें। अब राशन की दुकानों पर गेहूं और चावल के साथ कुकिंग कोयला भी उपलब्ध होगा, जिससे खासकर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।