Bihar: बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन 27 अप्रैल को किशनगंज जिले के दौरे पर रहेंगे. इस दौरे के दौरान वे भारत-नेपाल सीमा के प्रबंधन और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे. राज्यपाल
Bihar: बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन 27 अप्रैल को किशनगंज जिले के दौरे पर रहेंगे. इस दौरे के दौरान वे भारत-नेपाल सीमा के प्रबंधन और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे. राज्यपाल के आने की तैयारी को लेकर जिला प्रशासन ने पूरी कमर कस ली है.
किशनगंज में क्या होगी राज्यपाल की मुख्य गतिविधियां?
राज्यपाल हसनैन मुख्य रूप से भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था और वहां के प्रबंधन की समीक्षा करेंगे. वे सिविल सोसाइटी के लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा करेंगे. इस दौरे की तैयारी के लिए 24 अप्रैल को जिला पदाधिकारी विशाल राज ने सभी संबंधित विभागों के साथ एक समीक्षा बैठक की और जरूरी निर्देश दिए.
सीमा सुरक्षा और विकास पर क्या है प्रशासन का फोकस?
किशनगंज में सीमा सुरक्षा को लेकर काफी सख्ती बरती जा रही है. हाल ही में 21 अप्रैल को एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी जिसमें अवैध घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया. प्रशासन अब ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के जरिए सीमावर्ती 22 गांवों में बुनियादी ढांचा सुधारने और रोजगार बढ़ाने पर काम कर रहा है ताकि लोग पलायन न करें. इसके अलावा, फरवरी 2026 में लेटी और इंदरवा में दो नई बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) भी शुरू की गई हैं.
सुरक्षा व्यवस्था और तस्करी को रोकने के क्या इंतजाम हैं?
सीमावर्ती इलाकों में SSB और स्थानीय पुलिस की संयुक्त गश्त और रात्रि कैंपिंग बढ़ाई गई है. आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में 25 विदेशी नागरिक पकड़े गए और 2022 से 2026 के बीच शराब और हथियार तस्करी के कई मामले सामने आए हैं. इसी वजह से अब क्षतिग्रस्त सीमा स्तंभों की मरम्मत और निगरानी को तेज कर दिया गया है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
राज्यपाल किशनगंज दौरे पर किन मुद्दों पर चर्चा करेंगे?
राज्यपाल मुख्य रूप से भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे.
सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए क्या योजना है?
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत 22 गांवों का सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण किया जा रहा है ताकि वहां रोजगार और आधारभूत संरचना का विकास हो सके.