Bihar में अपराध रोकने के लिए बनेंगे 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट, लापरवाही करने वाले अफसरों को होगा सस्पेंड

Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में कानून व्यवस्था को सुधारने और लोगों को जल्दी न्याय दिलाने के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं। सरकार अब राज्य में 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएगी ताकि आपराधिक मामलों का निपटारा तेजी स

Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में कानून व्यवस्था को सुधारने और लोगों को जल्दी न्याय दिलाने के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं। सरकार अब राज्य में 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएगी ताकि आपराधिक मामलों का निपटारा तेजी से हो सके। इसके साथ ही आम जनता की शिकायतों को दूर करने के लिए पटना में हर महीने ‘सहयोग शिविर’ लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने 4 जुलाई 2026 को बोधगया में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा की। इन अदालतों में मुख्य रूप से हत्या, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और महिलाओं व बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की सुनवाई होगी। सरकार का मानना है कि इससे लंबित केस जल्द खत्म होंगे और दोषियों को समय पर सजा मिलेगी, जिससे लोगों का भरोसा न्याय व्यवस्था पर बढ़ेगा।

वहीं, जनता की समस्याओं के समाधान के लिए ‘सहयोग शिविर’ के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब हर महीने के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय शिविर लगेगा। इस कार्यक्रम की शुरुआत 19 मई 2026 को सोनपुर के डुमरी बुजुर्ग से हुई थी। लोग अपनी शिकायतें सहयोग पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 11001 (या 1100) पर भी दर्ज करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि शिविर में मिली शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर करना होगा। अगर कोई अधिकारी तय समय में काम पूरा नहीं करता है, तो 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से उसके निलंबन का आदेश जारी कर दिया जाएगा। अधिकारियों को समय-समय पर 10, 20 और 25 दिनों के अंतराल पर नोटिस भी भेजे जाएंगे। इन शिविरों की जिम्मेदारी जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त और अनुमंडल पदाधिकारियों को सौंपी गई है।