Bihar : बिहार सरकार अब अपने प्रशासनिक कामकाज को आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेगी। पटना में आयोजित बिहार प्रशासनिक सेवा संघ (BASA) की आमसभा में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को खुद को
Bihar : बिहार सरकार अब अपने प्रशासनिक कामकाज को आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेगी। पटना में आयोजित बिहार प्रशासनिक सेवा संघ (BASA) की आमसभा में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को खुद को AI के अनुरूप ढालने की सलाह दी। सरकार का लक्ष्य तकनीक के जरिए आम जनता तक सेवाओं को आसान और तेज बनाना है।
प्रशासन में AI के इस्तेमाल से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
बिहार सरकार राजस्व प्रशासन को पारदर्शी बनाने के लिए AI का उपयोग कर रही है। इससे जमीन के म्यूटेशन अपील और बिहार भूमि विवाद निवारण अधिनियम (BLDR Act) से जुड़े मामलों का निपटारा तेजी से होगा। सरकार का मकसद ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देना है ताकि लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
जिलों में कैसे काम करेगा AI सेल और क्या हैं नियम?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से AI तकनीक का उपयोग शुरू कर दिया है। इसके लिए हर जिले में अपर समाहर्ता (राजस्व) की अध्यक्षता में पांच सदस्यों वाला एक AI सेल बनाया गया है। इस सेल की बैठक हर शनिवार दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक होगी। साथ ही, सभी DCLR और डाटा एंट्री ऑपरेटरों को इसकी ट्रेनिंग दी जा रही है।
AI मिशन और डिजिटल गवर्नेंस के लिए क्या तैयारी है?
बिहार सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं:
| पहल/प्रोजेक्ट |
मुख्य विवरण |
| AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस |
पटना में कोर डेवलपमेंट सेंटर बनेगा, शुरुआती निवेश 30 करोड़ रुपये है। |
| बिहार AI मिशन |
लोक सेवाओं को ऑटोमैटिक करना और धोखाधड़ी रोकना इसका मुख्य लक्ष्य है। |
| IPS ट्रेनिंग |
IPS अधिकारियों के लिए AI और नए कानूनों का टेस्ट अनिवार्य किया गया है। |
| MoU |
कॉरपोर्ट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड (CIPL) के साथ फरवरी 2026 में समझौता हुआ। |
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने साफ किया कि तकनीक कितनी भी बढ़ जाए, लेकिन मानवीय संवेदनाएं और बुद्धिमत्ता सबसे ऊपर रहेगी। वहीं, BASA के महासचिव सुनील कुमार तिवारी ने युवा अधिकारियों से अधिकार के बजाय करुणा के साथ जनसेवा करने को कहा है।