Bihar में मछुआरों के लिए बनेंगे सहकारी संघ, जिला और राज्य स्तर पर होगा गठन; मंत्रियों की बैठक में बनी सहमति
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के मछुआरों और मत्स्यपालकों की कमाई बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर मत्स्यजीवी सहकारी संघ बनाए जाएंगे। इस योजना को लागू करने के लिए
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के मछुआरों और मत्स्यपालकों की कमाई बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर मत्स्यजीवी सहकारी संघ बनाए जाएंगे। इस योजना को लागू करने के लिए सहकारिता विभाग और डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के बीच सहमति बन गई है।
अगस्त 2026 में हुई बैठकों के दौरान यह निर्णय लिया गया। 12 अगस्त को सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव और डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नन्दकिशोर राम की अध्यक्षता में मत्स्यपालक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 और 14 अगस्त को “विजन 2030-बिहार मत्स्य प्राथमिकता परियोजना” की समीक्षा की और सहकारी समितियों को मजबूत करने पर जोर दिया।
अभी बिहार में सिर्फ प्रखंड स्तर पर प्राथमिक मत्स्यजीवी सहकारी समितियां बनी हुई हैं, लेकिन जिला या प्रमंडल स्तर पर कोई बड़ी समिति नहीं है। अब इन्हीं प्राथमिक समितियों को सदस्य बनाकर जिला और प्रमंडल स्तर पर संघ बनाए जाएंगे। अंत में इन सभी को एक राज्य स्तरीय मत्स्यजीवी सहकारी परिसंघ (Federation) से जोड़ा जाएगा। सहकारिता विभाग अब इस प्रस्ताव को राज्य मंत्रिपरिषद के पास मंजूरी के लिए भेज रहा है।
इस नई व्यवस्था से आम मत्स्यपालकों को कई फायदे होंगे। उन्हें अच्छी क्वालिटी का मत्स्य बीज, मछली का दाना, दवाएं और अन्य जरूरी सामान समय पर मिल सकेंगे। साथ ही, मछली उत्पादों की मार्केटिंग और प्रोसेसिंग की व्यवस्था बेहतर होगी, जिससे मछुआरों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और उनकी आमदनी बढ़ेगी। इन बैठकों में सचिव धर्मेंद्र सिंह, शीर्षत कपिल अशोक और मत्स्य निदेशक तुषार सिंगला समेत कई अधिकारी मौजूद थे।