Bihar: बिहार सरकार राज्य के 11 शहरों में आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरों को सुनियोजित तरीके से बसाना और अनियोजित निर्माण को रोकना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता
Bihar: बिहार सरकार राज्य के 11 शहरों में आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरों को सुनियोजित तरीके से बसाना और अनियोजित निर्माण को रोकना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है, जिसके तहत पटना में एक भव्य स्पोर्ट्स सिटी भी बनाई जाएगी।
इन शहरों में बनेगी टाउनशिप और क्या होंगे उनके नाम
सरकार ने कुल 11 शहरों को इस योजना में शामिल किया है। इन टाउनशिप को खास नाम दिए गए हैं ताकि इनकी अलग पहचान बन सके। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली है।
| शहर |
प्रस्तावित नाम |
| पटना |
पाटलिपुत्र |
| दरभंगा |
मिथिला |
| सहरसा |
कोसी |
| पूर्णिया |
पूर्णिया |
| गया |
मगध |
| मुजफ्फरपुर |
तिरहुत |
| भागलपुर |
विक्रमशिला |
| छपरा |
सारण |
| सीतामढ़ी |
सीतापुरम |
| सोनपुर |
हरिहरनाथपुर |
| मुंगेर |
अंग |
पटना में Sports City और अन्य सुविधाओं का प्लान
पटना के पुनपुन प्रखंड में करीब 100 एकड़ जमीन पर आधुनिक Sports City बनाई जाएगी। इसकी अनुमानित लागत 2000 करोड़ रुपये है और इसे PPP मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसमें ओलंपिक लेवल के ट्रेनिंग सेंटर, स्टेडियम, स्विमिंग पूल और हॉस्टल जैसी सुविधाएं होंगी। इसका काम 2027 से शुरू होकर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा पाटलिपुत्र टाउनशिप में फिनटेक सिटी और लॉजिस्टिक हब भी बनेंगे।
जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक और विवाद
टाउनशिप के लिए चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर तत्काल रोक लगा दी गई है। पटना, गया, दरभंगा और मुंगेर जैसे शहरों में यह रोक 31 मार्च 2027 तक रहेगी। वहीं भागलपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा और सीतामढ़ी में यह प्रतिबंध 30 जून 2027 तक लागू रहेगा। प्रधान सचिव विनय कुमार ने कहा कि यह कदम अनियोजित निर्माण को रोकने के लिए उठाया गया है। हालांकि, राजद नेता रोहिणी आचार्य ने इस फैसले को अव्यावहारिक बताते हुए इसकी आलोचना की है।