Bihar के पर्यटन स्थलों पर बिकेंगे जीविका उत्पाद, गांवों में बनेंगे 725 नए हाट-बाजार
Bihar: राज्य के ग्रामीण इलाकों की आर्थिक स्थिति सुधारने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। अब राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जीविका दीदियों और स्थानीय किसानों के बनाए साम
Bihar: राज्य के ग्रामीण इलाकों की आर्थिक स्थिति सुधारने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। अब राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जीविका दीदियों और स्थानीय किसानों के बनाए सामान बिकेंगे। इसके लिए गांवों में आधुनिक सुविधाओं वाले हाट-बाजार बनाए जाएंगे ताकि ग्रामीण लोग अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकें।
ग्रामीण विकास विभाग ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम, 2025 के तहत कुल 725 नए हाट और बाजार विकसित करेगा। इनमें 447 छोटे हाट और 278 बड़े बाजार शामिल होंगे। इन बाजारों में किसानों, पशुपालकों और मछली पालकों को सामान बेचने के लिए व्यवस्थित जगह मिलेगी। सुविधाओं की बात करें तो यहां शेड, चबूतरा, शौचालय, पीने का पानी, मल्टीपर्पस स्टोर और जीविका दीदियों के लिए तीन स्थायी दुकानें होंगी। इन सभी बाजारों को कृषि विभाग की ई-नाम योजना से भी जोड़ा जाएगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पटना के Marine Drive को आधुनिक केंद्र बनाया जा रहा है, जहां जीविका दीदियों के लिए एक विशेष ‘महिला हाट’ होगा। यहां महिलाएं पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प और खादी के उत्पाद बेच सकेंगी। इसी तरह नालंदा के तेल्हाड़ा में बिहार का पहला ‘जीविका दीदी हाट’ शुरू किया गया है। इसके अलावा, सरकार ने ‘मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026’ को मंजूरी दी है। इसके तहत बोधगया, राजगीर, नालंदा और वैशाली जैसे पर्यटन स्थलों के 5 किलोमीटर के दायरे में होमस्टे बनाने के लिए 10 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी।
रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी (VB-GRAMG) योजना’ लागू होगी। इस नई योजना में जीविका दीदियों को भी साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी, जो पहले सिर्फ अकुशल मजदूरों को मिलती थी। राज्य सरकार इस योजना में हर साल करीब 4,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
| योजना/परियोजना | मुख्य विवरण/बजट |
|---|---|
| ग्रामीण हाट-बाजार | 725 नए बाजार (447 छोटे, 278 बड़े) |
| पंचायती राज अनुदान | 5 वर्षों के लिए 51,923 करोड़ रुपये |
| होमस्टे प्रोत्साहन योजना | पात्र लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक की सहायता |
| जीविका-3 परियोजना | 3,000 करोड़ रुपये (70% विश्व बैंक, 30% राज्य सरकार) |
| रोजगार गारंटी | जीविका दीदियों को 125 दिन के काम की गारंटी |