Bihar: बिहार सरकार राज्य के 11 शहरों में विश्व स्तरीय सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस योजना का मकसद शहरों की भीड़
Bihar: बिहार सरकार राज्य के 11 शहरों में विश्व स्तरीय सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस योजना का मकसद शहरों की भीड़ को कम करना और लोगों के लिए रोजगार के नए मौके पैदा करना है। सरकार इसके लिए भू-पूलिंग मॉडल का इस्तेमाल करेगी जिससे जमीन मालिकों को भी फायदा होगा।
इन 11 शहरों में विकसित होंगे नए टाउनशिप और उनके नाम
सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए विशेष नाम तय किए हैं। पटना में पाटलिपुत्र टाउनशिप बनेगी जो पुनपुन और फतुहा के पास होगी और यह सबसे बड़ी टाउनशिप होगी। अन्य शहरों की लिस्ट इस प्रकार है:
- सोनपुर: हरिहरनाथपुरम
- गया: मगध
- दरभंगा: मिथिला
- सहरसा: कोसी
- पूर्णिया: पूर्णिया
- मुंगेर: अंग
- भागलपुर: विक्रमशिला
- मुजफ्फरपुर: तिरहुत
- छपरा: सारण
- सीतामढ़ी: सीतापुरम
किसानों को क्या फायदा होगा और जमीन का बंटवारा कैसे होगा
इस प्रोजेक्ट में भू-पूलिंग मॉडल अपनाया गया है। इसके तहत किसान अपनी जमीन सरकार को देंगे और विकास के बाद उन्हें उनकी विकसित जमीन का 55% हिस्सा वापस मिल जाएगा। बाकी जमीन का इस्तेमाल सड़कों (22%), हरियाली (5%), EWS आवास (3%) और बुनियादी ढांचे (15%) के लिए किया जाएगा। जो किसान इस मॉडल को नहीं मानेंगे, उन्हें बाजार दर से चार गुना तक मुआवजे का विकल्प दिया जाएगा।
जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक और भविष्य की योजना
प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित क्षेत्रों में फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगा दी गई है। पटना, गया, दरभंगा समेत समूह 1 के शहरों में यह रोक 31 मार्च 2027 तक रहेगी, जबकि मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे समूह 2 के शहरों में यह 30 जून 2027 तक लागू रहेगी। इस योजना का पूरा ड्राफ्ट अक्टूबर-नवंबर 2026 तक तैयार हो जाएगा। इन टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, अंडरग्राउंड बिजली, अस्पताल और आईटी पार्क जैसी सुविधाएं होंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सैटेलाइट टाउनशिप में किसानों को जमीन का कितना हिस्सा वापस मिलेगा?
भू-पूलिंग मॉडल के तहत किसानों को उनकी विकसित भूमि का 55% हिस्सा वापस सौंपा जाएगा, जबकि शेष हिस्सा सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए इस्तेमाल होगा।
किन शहरों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है?
पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी के चिह्नित क्षेत्रों में मास्टर प्लान तैयार होने तक रोक लगाई गई है।