Bihar में बनेंगे कई नए रोपवे, वाराणसी की तरह हवा में सफर करेंगे लोग, सरकार ने बनाई कंपनी
Bihar: बिहार के पर्यटन और यातायात को बदलने के लिए राज्य सरकार अब बड़े स्तर पर रोपवे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार कैबिनेट ने ‘Bihar State Ropeways Company Limited’
Bihar: बिहार के पर्यटन और यातायात को बदलने के लिए राज्य सरकार अब बड़े स्तर पर रोपवे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार कैबिनेट ने ‘Bihar State Ropeways Company Limited’ बनाने की मंजूरी दे दी है। इस कंपनी का मुख्य काम धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर रोपवे सिस्टम को विकसित करना और उनका प्रबंधन करना होगा ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आने-जाने में आसानी हो।
हाल ही में मुख्यमंत्री ने सुल्तानगंज में श्रावणी मेला 2026 के उद्घाटन के दौरान अजगैबीनाथ से अगवानी घाट तक रोपवे बनाने और सुल्तानगंज में एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट विकसित करने की घोषणा की है। वहीं गया और जहानाबाद में भी रोपवे का काम तेजी से चल रहा है। जहानाबाद के वनवर पहाड़ और गया के प्रेतशिला पहाड़ पर बन रहे रोपवे मई 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है, जिन पर करीब 24 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
बोधगया की डुंगेश्वरी पहाड़ी पर बन रहा रोपवे प्रोजेक्ट 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। 16 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में चार ट्रॉली होंगी, जिनमें एक बार में छह लोग बैठ सकेंगे और महज दो मिनट में गुफा तक पहुंच जाएंगे। इसके अलावा कैमूर के मुंडेश्वरी पर्वत और गया के ब्रह्मयौनि पर्वत पर भी रोपवे बनाने की योजना है। रोहतासगढ़ किले में पर्यटन बढ़ाने के लिए भी सड़क कनेक्टिविटी और रोपवे प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी जा रही है।
हालांकि, रोहतासगढ़ में बन रहे 13 करोड़ रुपये के रोपवे प्रोजेक्ट में ट्रायल के दौरान एक हादसा हुआ था, जिसमें वायर रोप फिसलने से टावर नंबर पांच क्षतिग्रस्त हो गया था। इस लापरवाही पर सख्त एक्शन लेते हुए सड़क निर्माण मंत्री दिलीप कुमार जयसवाल ने दो इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया और कोलकाता की कंपनी Ropeway and Resource Private Limited (RRPL) को ब्लैकलिस्ट करने का फैसला किया। इस मामले की गहराई से जांच के लिए IIT Patna की टीम को लगाया गया है।
वहीं पटना के JP Ganga Path (मरीन ड्राइव) को लेकर चर्चा है कि वहां विकास कार्य चल रहे हैं। स्पष्ट कर दें कि मरीन ड्राइव पर दीघा से सभ्यता द्वार तक करीब 330 करोड़ रुपये की लागत से एक मेगा रिवरफ्रंट पार्क बनाया जा रहा है, न कि 7KM का रोपवे। इस पार्क में बटरफ्लाई पार्क, बॉटनिकल गार्डन, साइकिल ट्रैक और महिला हाट जैसी सुविधाएं होंगी, जिसके मार्च 2028 तक पूरा होने की संभावना है।