Bihar में पटना का दबाव कम करने के लिए बनेंगे 11 सैटेलाइट टाउन, जमीन खरीदने वालों को मिलेगा दोगुना और चार गुना पैसा
Bihar: बिहार सरकार अब राज्य में बड़े शहरों का जाल बिछाने की तैयारी में है ताकि सारा दबाव सिर्फ पटना पर न रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की योजना बताई है। इस कदम से बिहार की वह पुरानी निर्भरता
Bihar: बिहार सरकार अब राज्य में बड़े शहरों का जाल बिछाने की तैयारी में है ताकि सारा दबाव सिर्फ पटना पर न रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की योजना बताई है। इस कदम से बिहार की वह पुरानी निर्भरता खत्म होगी जहां विकास के लिए सिर्फ गांवों, प्रवासन और बाहर से आने वाले पैसों (रेमिटेंस) का सहारा लिया जाता था।
इस पूरी योजना के लिए राज्य कैबिनेट ने विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर के कर्ज को मंजूरी दे दी है। इस ‘बिहार शहरी परिवर्तन कार्यक्रम’ के जरिए शहरों के बुनियादी ढांचे को सुधारा जाएगा और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। पटना में बनने वाली एक सैटेलाइट टाउनशिप का नाम ‘पाटलिपुत्र’ रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन प्रोजेक्ट्स को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय पर पूरा किया जाए।
जमीन अधिग्रहण को लेकर सरकार ने ‘बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026’ लागू की है, जिससे जमीन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। अब शहरी इलाकों में जमीन का बाजार मूल्य या सर्किल रेट (जो भी ज्यादा हो) उसका दोगुना भुगतान किया जाएगा, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह राशि चार गुना होगी। इसके अलावा, निर्धारित रकम पर 10% का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
| विवरण | शहरी क्षेत्र | ग्रामीण क्षेत्र |
|---|---|---|
| भुगतान राशि | बाजार मूल्य/सर्किल रेट का 2 गुना | बाजार मूल्य/सर्किल रेट का 4 गुना |
| अतिरिक्त लाभ | 10% प्रोत्साहन राशि | 10% प्रोत्साहन राशि |
कैबिनेट ने अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए हैं, जिनमें पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे और हेली टूरिज्म योजना शामिल है। साथ ही, सड़क हादसों को कम करने के लिए 622 करोड़ रुपये की लागत से ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ITMS) लगाया जाएगा, जो अगले 10 सालों में पूरा होगा। फिलहाल बिहार में शहरीकरण की दर 11-13% है, जिसे बढ़ाकर राष्ट्रीय औसत 31% के करीब ले जाने का लक्ष्य है।