Bihar: बिहार सरकार ने जनता के काम में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश के बाद मुजफ्फरपुर में एक राजस्व अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है
Bihar: बिहार सरकार ने जनता के काम में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश के बाद मुजफ्फरपुर में एक राजस्व अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब फाइलों को अटकाने की आदत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और काम में लापरवाही करने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी।
30 दिन का नियम और सस्पेंशन की प्रक्रिया क्या है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 मई, 2026 को निर्देश दिया था कि जनता से जुड़ी किसी भी फाइल को 30 दिनों के अंदर निपटाना होगा। अगर कोई अधिकारी 30 दिन में काम पूरा नहीं करता है, तो 31वें दिन वह अपने आप निलंबित हो जाएगा। कोर्ट से जुड़े मामलों में भी सख्ती बरती जाएगी, जहां 10वें, 20वें और 25वें दिन नोटिस भेजा जाएगा और समय पर काम न होने पर निलंबन की कार्रवाई होगी।
मुजफ्फरपुर में किस अधिकारी पर हुई कार्रवाई?
मुजफ्फरपुर के कुढनी अंचल के राजस्व अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को 18 मई, 2026 को निलंबित किया गया है। उन पर काम में लापरवाही, भ्रष्टाचार और सरकार को रिपोर्ट न भेजने के आरोप हैं। जिलाधिकारी की अनुशंसा के बाद यह कार्रवाई की गई और अधिकारी पर 92,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक इलाज बताया है।
जनता की शिकायतों के लिए क्या नए इंतजाम हुए हैं?
प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए सरकार ने ‘त्रिवेणी’ सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत पंचायत स्तर पर शिकायत निवारण शिविर लगाए जा रहे हैं। साथ ही लोगों की मदद के लिए ‘सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 शुरू किया गया है, ताकि आम लोग अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकें और उन्हें दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में सरकारी फाइल निपटाने की समय सीमा क्या है?
मुख्यमंत्री के आदेशानुसार जनता से संबंधित किसी भी फाइल को 30 दिनों के भीतर निपटाना अनिवार्य है। 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित हो जाएगा।
शिकायत दर्ज कराने के लिए सरकार ने क्या सुविधा दी है?
जनता अपनी शिकायतें ‘सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से सीधे दर्ज करा सकती हैं।