Bihar: पटना के मशहूर कोचिंग संचालक खान सर और रौशन आनंद के बीच वर्चस्व की लड़ाई अब कानूनी और सरकारी कार्रवाई तक पहुंच गई है। इस विवाद के बाद बिहार सरकार ने कोचिंग संस्थानों पर नकेल कसने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री मिथ
Bihar: पटना के मशहूर कोचिंग संचालक खान सर और रौशन आनंद के बीच वर्चस्व की लड़ाई अब कानूनी और सरकारी कार्रवाई तक पहुंच गई है। इस विवाद के बाद बिहार सरकार ने कोचिंग संस्थानों पर नकेल कसने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने साफ चेतावनी दी है कि कोचिंग संस्थान केवल पढ़ाई पर ध्यान दें, किसी भी तरह की गुंडागर्दी या विवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विवाद की असल वजह और अब तक की कार्रवाई क्या है?
यह पूरा मामला खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद के बीच शुरू हुआ। 2 जून 2026 की रात खान सर के कोचिंग के बाहर मारपीट और फायरिंग की खबर आई थी। इस मामले में पुलिस ने रौशन आनंद को गिरफ्तार किया, जिनकी जमानत याचिका 10 जून को अदालत ने खारिज कर दी। वहीं, खान सर को 20 जून 2026 तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिली है। इस बीच ज्ञान बिंदु के छात्रों ने अपने गुरु की रिहाई के लिए प्रदर्शन भी किया है।
सरकारी शिक्षकों और कोचिंग संस्थानों के लिए क्या हैं नए नियम?
बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन लाने के लिए कुछ कड़े कदम उठाए हैं, जो अब लागू हो चुके हैं:
- सरकारी शिक्षकों पर रोक: सरकारी शिक्षकों के लिए अब निजी कोचिंग या ट्यूशन पढ़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियम तोड़ने वाले शिक्षकों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
- समय का बंधन: स्कूल और कॉलेज के समय के दौरान कोई भी कोचिंग संस्थान नहीं चलेगा। हालांकि, यह नियम उन छात्रों पर लागू नहीं होगा जिन्होंने अपनी रेगुलर पढ़ाई पूरी कर ली है।
- डेटा देना होगा अनिवार्य: सभी कोचिंग संस्थानों को अपने पास पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पूरी जानकारी जिला प्रशासन को देनी होगी।
आगे क्या होगा और सरकार की क्या तैयारी है?
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निर्देश दिया है कि छात्रों का हित सबसे ऊपर होना चाहिए। इसी दिशा में शिक्षा विभाग अगले तीन महीने के भीतर एक नई ‘कोचिंग नीति’ लेकर आएगा। इस नीति को बनाने के लिए सरकार सभी संबंधित पक्षों से राय लेगी ताकि पारदर्शिता और शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत एक्शन लिया जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सरकारी शिक्षक अब कोचिंग पढ़ा सकते हैं?
नहीं, बिहार सरकार ने सरकारी शिक्षकों को कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने या निजी ट्यूशन देने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। ऐसा करने पर इसे शिक्षक आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
कोचिंग संस्थानों के लिए समय का क्या नियम है?
नियम के मुताबिक, स्कूल और कॉलेज के निर्धारित समय के दौरान कोई भी कोचिंग संस्थान संचालित नहीं होगा। यह नियम केवल उन छात्रों के लिए नहीं है जिन्होंने अपनी नियमित स्कूली शिक्षा पूरी कर ली है।