Bihar में AI क्रांति की शुरुआत, Sarvam.AI और BharatGPT के साथ समझौता; अब डिजिटल होगा गवर्नेंस

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने Sarvam.AI और BharatGPT के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का मुख्य मकसद सरकारी सेवाओं को तेज, पारदर

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने Sarvam.AI और BharatGPT के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का मुख्य मकसद सरकारी सेवाओं को तेज, पारदर्शी और आम जनता के लिए आसान बनाना है।

यह समझौता 17 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे डिजिटल बिहार और विकसित बिहार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने इससे पहले 16 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस साझेदारी की जानकारी साझा की थी। बता दें कि राज्य मंत्रिमंडल ने इस समझौते को 24 जून 2026 को ही मंजूरी दे दी थी।

इस साझेदारी के जरिए बिहार अपनी जरूरतों के हिसाब से एक स्वदेशी AI मॉडल विकसित करेगा, जिसे ‘BiharGPT’ नाम दिया जाएगा। यह मॉडल भारतीय भाषाओं में काम करेगा जिससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। इसके अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पुलिस और आपदा प्रबंधन जैसे जरूरी क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल किया जाएगा।

आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा ने साफ किया कि यह समझौता किसी वित्तीय लेन-देन के लिए नहीं है। यह पूरी तरह से तकनीकी मार्गदर्शन, ट्रेनिंग और इनोवेशन के लिए एक सहयोगी व्यवस्था है। सरकार का लक्ष्य सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण देना और राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है।

प्रमुख विवरण जानकारी
समझौता तिथि 17 जुलाई 2026
भागीदार कंपनियां Sarvam.AI और BharatGPT
प्रस्तावित मॉडल BiharGPT
मुख्य उद्देश्य डिजिटल गवर्नेंस और स्वदेशी AI विकास
अन्य भागीदार Google Cloud India और Microsoft India
विशेष केंद्र IIT पटना के सहयोग से AI अनुसंधान केंद्र

इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और आईटी विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बिहार सरकार अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति को भी अंतिम रूप दे रही है, जबकि आईटी नीति-2024 और बिहार जीसीसी नीति-2026 पहले से ही लागू हैं।