Bihar के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू, जींस और टीशर्ट पहनकर आने पर लगी रोक
Bihar: बिहार के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को कपड़ों को लेकर काफी सावधानी बरतनी होगी। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में फॉर्मल ड्रेस कोड को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। अब कोई भी टीचर स्कूल
Bihar: बिहार के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को कपड़ों को लेकर काफी सावधानी बरतनी होगी। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में फॉर्मल ड्रेस कोड को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। अब कोई भी टीचर स्कूल या ऑफिस समय के दौरान जींस और टीशर्ट जैसे कैजुअल कपड़े पहनकर नहीं आ सकेगा।
शिक्षा विभाग ने 20 जुलाई 2026 को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को पत्र भेजकर इस नियम का पालन कराने को कहा है। यह आदेश पहले 2019 और फिर 9 अक्टूबर 2024 को भी जारी किया गया था, लेकिन कई जगह इसका पालन नहीं हो रहा था। विभाग का कहना है कि स्कूल की गरिमा और प्रोफेशनल माहौल बनाए रखने के लिए शालीन कपड़ों में आना जरूरी है।
शिक्षा मंत्री Mithilesh Tiwari ने 21 जुलाई 2026 को विधानसभा में बताया कि अगर किसी शिक्षक के खिलाफ ड्रेस कोड तोड़ने की शिकायत मिलती है, तो 48 घंटे के भीतर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि नियमों की जानकारी पहले ही दी जा चुकी है और अब इसमें ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
वहीं, डिप्टी सीएम Vijay Kumar Choudhary ने स्पष्ट किया कि सरकार ने शिक्षकों के लिए कोई एक तय यूनिफॉर्म नहीं बनाई है। शिक्षक अपनी पसंद के कपड़े पहन सकते हैं, बस वे कपड़े शालीन होने चाहिए और शिक्षण पेशे की गरिमा के अनुकूल होने चाहिए। प्रशासन के निदेशक Subodh Kumar Chaudhary ने भी कहा कि कैजुअल कपड़े ऑफिस कल्चर के खिलाफ हैं।
ड्रेस कोड के साथ-साथ विभाग ने स्कूल परिसर में सोशल मीडिया के लिए डांस, डीजे और डिस्को जैसे कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी है। विभाग का मानना है कि ऐसी गतिविधियों से पढ़ाई के माहौल पर बुरा असर पड़ता है। अब जिला शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों में इन नियमों का पालन सुनिश्चित करें और उल्लंघन करने वालों की रिपोर्ट विभाग को दें।