Bihar: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के तरीके में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शिक्षा विभाग अब नियमित स्कूल के बाद शाम को कोचिंग क्लास चलाने की तैयारी कर रहा है। इस कदम का मुख्य मकसद छात्रों को अतिरिक्त मदद देना और उन्
Bihar: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के तरीके में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शिक्षा विभाग अब नियमित स्कूल के बाद शाम को कोचिंग क्लास चलाने की तैयारी कर रहा है। इस कदम का मुख्य मकसद छात्रों को अतिरिक्त मदद देना और उन्हें प्राइवेट कोचिंग सेंटरों पर जाने से रोकना है, ताकि गरीब और ग्रामीण इलाकों के बच्चे भी बेहतर तैयारी कर सकें।
शाम की कोचिंग क्लास और शिक्षकों के लिए क्या है प्लान
शिक्षा मंत्री Mithilesh Tiwari ने सोमवार, 19 मई 2026 को इस योजना की घोषणा की। इसके तहत सरकारी स्कूलों को आधुनिक लर्निंग सेंटर बनाया जाएगा। जो शिक्षक स्कूल समय के बाद इन कक्षाओं को लेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से अलग से वित्तीय प्रोत्साहन (Incentive) दिया जाएगा। अभी इस पेमेंट मॉडल पर काम चल रहा है ताकि शिक्षक स्वेच्छा से इसमें जुड़ें और बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले।
कैसे लागू होगा यह सिस्टम और क्या होंगे नियम
यह प्रोग्राम एकदम से सभी स्कूलों में शुरू नहीं होगा। शिक्षा विभाग पहले छात्रों और अभिभावकों से फीडबैक लेगा, उसके बाद ही पूरा फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा। क्लास का समय और तरीका स्कूल स्तर पर तय होगा ताकि स्थानीय लोगों को कोई परेशानी न हो। इसका उद्देश्य बोर्ड परीक्षा और अन्य कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स के लिए छात्रों को तैयार करना है।
शिक्षा विभाग के अन्य नए बदलाव और पहल
कोचिंग के अलावा सरकार ‘Hamara Vidyalaya, Hamara Swabhiman’ प्रोग्राम शुरू कर रही है, जिसमें सफल पूर्व छात्र अपने पुराने स्कूलों की मदद करेंगे। साथ ही, शिकायतों के निपटारे के लिए ‘स्मार्ट लेटर सिस्टम’ लाया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को जर्जर स्कूलों की रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि उनकी मरम्मत का काम शुरू हो सके। इसके अलावा नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी और National Education Policy को लागू करने पर भी काम चल रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सरकारी स्कूलों में शाम की कोचिंग अनिवार्य होगी?
नहीं, शिक्षा विभाग पहले छात्रों और अभिभावकों से फीडबैक लेगा। क्लास का समय और जरूरत स्कूल स्तर पर तय की जाएगी ताकि यह व्यावहारिक हो।
कोचिंग क्लास चलाने वाले शिक्षकों को क्या फायदा मिलेगा?
नियमित समय के बाद कक्षाएं लेने वाले शिक्षकों को सरकार की ओर से अलग से वित्तीय इंसेंटिव दिया जाएगा, जिसका मॉडल अभी तैयार किया जा रहा है।