Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में अनियोजित शहरीकरण को रोकने और किसानों को लाभ पहुँचाने के लिए 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की अध्यक्षता में 22 अप्रैल 2026 को हुई कैबिन
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में अनियोजित शहरीकरण को रोकने और किसानों को लाभ पहुँचाने के लिए 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की अध्यक्षता में 22 अप्रैल 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस प्रोजेक्ट का मकसद आधुनिक सुविधाओं वाले शहर बसाना है, जिससे किसानों की जमीन की कीमत बढ़ेगी और उन्हें बेहतर भविष्य मिलेगा।
किसानों को क्या फायदा होगा और जमीन का बंटवारा कैसे होगा?
इस प्रोजेक्ट में लैंड पूलिंग मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत किसानों को उनकी मूल जमीन का 55% हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस मिलेगा, जिसमें चौड़ी सड़कें, बिजली, ड्रेनेज और सीवरेज जैसी सुविधाएं होंगी। जो किसान इस मॉडल को नहीं अपनाएंगे, उन्हें बाजार दर से चार गुना मुआवजा या TDR (Transfer of Development Rights) दिया जाएगा, जिसकी कीमत जमीन की वैल्यू से पांच गुना ज्यादा हो सकती है। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी किसान को भूमिहीन नहीं किया जाएगा और उनकी सहमति के बाद ही काम शुरू होगा।
किन शहरों में बनेंगी टाउनशिप और जमीन की कीमतों का क्या होगा?
राज्य के 11 इलाकों में ये टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इनमें पाटलिपुत्र (Patna), हरिहरनाथपुरम (Sonepur), मगध (Gaya), मिथिला (Darbhanga), कोशी (Saharsa), पूर्णिया (Purnia), अंग (Munger), विक्रमशिला (Bhagalpur), तिरहुत (Muzaffarpur), सारण (Chapra) और सीतापुरम (Sitamarhi) शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन इलाकों में जमीन के दाम 10 से 20 गुना तक बढ़ सकते हैं, खासकर पुनपुन जैसे इलाकों में। इससे नए आर्थिक केंद्र बनेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक और अन्य नियम
नियोजित विकास सुनिश्चित करने और सट्टेबाजी रोकने के लिए सरकार ने इन टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, ट्रांसफर और निर्माण पर अस्थायी रोक लगा दी है। पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में यह रोक 31 मार्च 2027 तक रहेगी (पटना मास्टर प्लान की रोक 2031 तक है)। वहीं मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में यह पाबंदी 30 जून 2027 तक लागू रहेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट की प्लानिंग में World Bank और अन्य राष्ट्रीय एजेंसियां भी सरकार की मदद कर रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लैंड पूलिंग मॉडल में किसानों को क्या मिलेगा?
किसानों को उनकी मूल जमीन का 55% हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस मिलेगा, जिसमें सड़क, बिजली और सीवरेज जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक कब तक है?
पटना, गया और मुंगेर जैसे शहरों में यह रोक 31 मार्च 2027 तक है, जबकि मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे शहरों में 30 जून 2027 तक लागू रहेगी।