Bihar में डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगी रफ्तार, Sarvam.AI और BharatGPT के साथ सरकार ने किया समझौता
Bihar: राज्य सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ कक्ष में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और सूचना
Bihar: राज्य सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ कक्ष में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा की मौजूदगी में Sarvam.AI और BharatGPT के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिहार के सरकारी कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर उसे और बेहतर बनाना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि यह समझौता ‘डिजिटल बिहार’ और ‘विकसित बिहार’ के सपने को पूरा करने में मदद करेगा। इसके तहत राज्य की जरूरतों के हिसाब से एक स्वदेशी AI मॉडल तैयार किया जाएगा। साथ ही, युवाओं के लिए AI कौशल विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे। यह साझेदारी गैर-वित्तीय है, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञता और ज्ञान साझा करने पर जोर दिया गया है।
इस तकनीक का सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा। अब नागरिकों को हिंदी, मैथिली, भोजपुरी और मगही जैसी स्थानीय भाषाओं में सरकारी योजनाओं की जानकारी, शिकायत निवारण और वर्चुअल असिस्टेंट जैसी डिजिटल सेवाएं मिल सकेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को उनकी अपनी भाषा में पढ़ाई की सामग्री मिलेगी, जबकि किसानों को मौसम, फसल और मंडी भाव की जानकारी उनकी भाषा में उपलब्ध होगी। स्वास्थ्य सेवाओं में भी दूरदराज के इलाकों तक AI के जरिए शुरुआती परामर्श और जागरूकता पहुंचाई जाएगी।
| क्षेत्र | AI के जरिए होने वाले लाभ |
|---|---|
| नागरिक सेवाएं | स्थानीय भाषाओं (मैथिली, भोजपुरी, मगही) में शिकायत निवारण और जानकारी |
| शिक्षा | छात्रों के लिए व्यक्तिगत अध्ययन सामग्री और AI शिक्षण सहायता |
| कृषि | मौसम, फसल और मंडी भाव की सटीक जानकारी |
| स्वास्थ्य | दूरदराज के क्षेत्रों में प्रारंभिक स्वास्थ्य परामर्श |
| प्रशासन | सरकारी सेवाओं का सरलीकरण और तेज कामकाज |
| संस्थान | IIT पटना के सहयोग से AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना |
इसके अलावा, सरकार बिहार की अपनी AI नीति को अंतिम रूप दे रही है। राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के विस्तार और वैश्विक तकनीकी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को भी इस नई तकनीक के इस्तेमाल के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे तकनीक का सही उपयोग कर सकें।