Bihar: बिहार सरकार राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए एक बड़ा मेगा प्लान लेकर आई है। इसके तहत पर्यावरण और प्रकृति के करीब पर्यटन यानी इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार ने इसके लिए 27 बांधों और 247 तालाब
Bihar: बिहार सरकार राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए एक बड़ा मेगा प्लान लेकर आई है। इसके तहत पर्यावरण और प्रकृति के करीब पर्यटन यानी इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार ने इसके लिए 27 बांधों और 247 तालाबों को चुना है, जिन्हें अब टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा।
इको टूरिज्म प्रोजेक्ट के लिए क्या है सरकार की तैयारी
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग इस पूरे प्लान को लागू कर रहा है। निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए 9 जून, 2026 को पटना में एक बड़ा ‘इकोटूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट-2026’ आयोजित किया जाएगा। इससे पहले 24 मई को अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर की अध्यक्षता में निवेशकों के साथ शुरुआती बातचीत हो चुकी है। भीमबांध परियोजना के लिए प्रस्ताव (RFP) भी जारी कर दिए गए हैं।
निवेशकों के लिए क्या होंगे नियम और मॉडल
इन प्रोजेक्ट्स को PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) या BOT (बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) मॉडल पर चलाया जाएगा। सरकार चयनित निवेशकों को 30 साल की लंबी लीज पर जमीन उपलब्ध कराएगी। साथ ही, प्रोजेक्ट्स को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’ के जरिए मदद भी देगी। निवेश को आसान बनाने के लिए जलाशयों और तालाबों को ग्रुप ए और ग्रुप बी में बांटा गया है।
बिहार दर्शन योजना और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में ‘बिहार दर्शन’ योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत सरकारी अफसरों और कर्मचारियों को हर तीन महीने में परिवार के साथ राज्य के पर्यटन स्थलों पर जाना होगा, जिसे ऑन-ड्यूटी माना जाएगा। इस पूरी कोशिश का मकसद बिहार को शिमला-मनाली जैसा पर्यटन हब बनाना है, जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को रोजगार मिले और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में इको टूरिज्म के लिए कितने स्थलों को चुना गया है?
बिहार सरकार ने इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कुल 27 बांधों (Dams) और 247 तालाबों/पोखरों को चिन्हित किया है।
निवेशकों को जमीन कितने समय के लिए लीज पर मिलेगी?
चयनित निजी निवेशकों को इन पर्यटन स्थलों के विकास और संचालन के लिए 30 साल की लंबी अवधि के लिए जमीन लीज पर दी जाएगी।