Bihar : बिहार सरकार ने राज्य के स्थानीय ठेकेदारों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत अब 50 करोड़ रुपये तक के सिविल कार्यों में लोकल संवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस कदम से राज्य
Bihar : बिहार सरकार ने राज्य के स्थानीय ठेकेदारों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत अब 50 करोड़ रुपये तक के सिविल कार्यों में लोकल संवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस कदम से राज्य के छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदारों को बड़ा मौका मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
स्थानीय ठेकेदारों को कैसे मिलेगा फायदा
बिहार कैबिनेट ने पथ निर्माण विभाग की सड़क योजनाओं में 25 लाख से 50 करोड़ रुपये तक के कामों के लिए बिहार के ठेकेदारों को तरजीह देने का नीतिगत फैसला लिया है। इसके लिए बिहार लोक निर्माण संहिता में जरूरी बदलाव किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों (2025-2030) में एक करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएं। साथ ही, राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 जैसी नीतियां भी लागू की गई हैं।
पुल निर्माण और ग्रामीण विकास में क्या बदलाव हुए
मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना में अब पारदर्शिता लाने के लिए बदलाव किए गए हैं। अब पुल निर्माण के लिए अलग-अलग निविदाएं (Tenders) जारी की जाएंगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 3000 करोड़ रुपये की लागत से 700 नए पुल बनाए जाएंगे। इससे ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
काम की गुणवत्ता और सख्त नियम
प्राथमिकता देने के साथ-साथ सरकार ने गुणवत्ता पर भी जोर दिया है। निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए ठेकेदारों के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। अगर कोई ठेकेदार गलत दस्तावेज देता है या काम में लापरवाही बरतता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी और आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में स्थानीय ठेकेदारों को कितने करोड़ तक के काम में प्राथमिकता मिलेगी?
बिहार सरकार के नए फैसले के अनुसार, 25 लाख से 50 करोड़ रुपये तक के सिविल और सड़क निर्माण कार्यों में स्थानीय संवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत कितने नए पुल बनेंगे?
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत 3000 करोड़ रुपये की लागत से कुल 700 नए पुलों का निर्माण किया जाएगा।