Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary की सरकार ने अब उद्योगों की मंजूरी के लिए समय सीमा तय कर दी है। अब किसी भी नए उद्योग को लगाने की म
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary की सरकार ने अब उद्योगों की मंजूरी के लिए समय सीमा तय कर दी है। अब किसी भी नए उद्योग को लगाने की मंजूरी सिर्फ 30 दिनों के भीतर मिल जाएगी, जिससे राज्य में बिजनेस करना आसान होगा और युवाओं को रोजगार के नए मौके मिलेंगे।
30 दिन में मंजूरी नहीं मिली तो क्या होगा
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने 9 जून 2026 को साफ किया है कि अगर अधिकारी 30 दिनों के अंदर निवेश प्रस्ताव पर फैसला नहीं लेते हैं, तो इसे ‘deemed clearance’ माना जाएगा। इसका मतलब है कि तय समय पूरा होने पर मंजूरी अपने आप मिल जाएगी। इस सिस्टम का मकसद सरकारी दफ्तरों में होने वाली देरी और कागजी उलझनों को खत्म करना है ताकि निवेशकों को परेशानी न हो।
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की अन्य योजनाएं
मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने अधिकारियों को सभी 38 जिलों में 11 मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और फूड पार्क बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उद्योगों के लिए 50,000 एकड़ का लैंड बैंक भी तैयार किया जा रहा है। उद्योगों मंत्री Shreyasi Singh ने बताया कि राज्य में ‘एक राज्य, एक औद्योगिक नीति’ पर काम चल रहा है, जिसमें AI आधारित सिंगल क्लियरेंस पोर्टल लाया जाएगा ताकि इंसानी दखल कम हो और काम तेजी से हो।
निवेशकों के लिए उपलब्ध सुविधाएं और मंजूरी
बिहार सरकार निवेशकों को लुभाने के लिए कई रियायतें दे रही है। अगस्त 2025 में स्वीकृत ‘बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025’ के तहत मुफ्त जमीन, ब्याज में छूट और सब्सिडी जैसे फायदे दिए जा रहे हैं। हाल ही में Dalmia Cement और Ambuja Cement जैसी बड़ी कंपनियों की यूनिट्स को भी मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में उद्योग लगाने की मंजूरी कितने दिनों में मिलेगी
सम्राट चौधरी सरकार के नए फैसले के अनुसार, अब उद्योगों को मंजूरी मिलने की समय सीमा 30 दिन तय की गई है।
अगर 30 दिन में मंजूरी नहीं मिली तो क्या होगा
यदि अधिकारी 30 दिनों के भीतर निर्णय नहीं लेते हैं, तो निवेश प्रस्ताव को ‘deemed clearance’ के तहत अपने आप मंजूर माना जाएगा।