Bihar: बिहार सरकार राज्य के सभी जिलों में नए उद्योग लगाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में स्थानीय युवाओं के लिए एक करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करना है।
Bihar: बिहार सरकार राज्य के सभी जिलों में नए उद्योग लगाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में स्थानीय युवाओं के लिए एक करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करना है। इस योजना के जरिए राज्य में निवेश बढ़ाने और युवाओं को उनके घर के पास ही काम दिलाने की कोशिश की जा रही है।
रोजगार के लिए क्या है सरकार का प्लान?
Planning and Development Minister Bhagwan Singh Kushwaha ने Rohtas के Dehri on Sone में बताया कि हर जिले में औद्योगिक विकास पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए BIADA की नई लैंड अलॉटमेंट पॉलिसी 2026 लागू की गई है, जिससे जमीन मिलने की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी। सरकार का लक्ष्य 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना है ताकि बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा हों।
किन बड़े प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी?
मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने Muzaffarpur और Kishanganj में Dalmia और Ambuja सीमेंट की बड़ी फैक्ट्रियां लगाने की मंजूरी दी है। इसके अलावा Hajipur में 100 एकड़ में National Institute of Food Technology, Entrepreneurship and Management (NIFTEM) बनाया जाएगा। ये प्रोजेक्ट्स खासकर उत्तर बिहार और सीमांचल के इलाकों में अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे और युवाओं को काम देंगे।
स्व-रोजगार और बुनियादी ढांचे पर जोर
Rohtas जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पंचायत सरकार भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 65 पूरे हो चुके हैं। साथ ही महादलित बस्तियों में 73 कम्युनिटी बिल्डिंग और वर्क शेड बनाए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य बिहार को निवेश के लिए एक पसंदीदा जगह बनाना है ताकि युवाओं को पलायन न करना पड़े।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार सरकार ने कितने रोजगार देने का लक्ष्य रखा है?
बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों (2025-2030) के भीतर राज्य के युवाओं के लिए एक करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है।
औद्योगिक विकास के लिए कौन सी नई पॉलिसी लाई गई है?
सरकार ने BIADA Land Allotment & Management Policy 2026 अधिसूचित की है, जिसका मकसद निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना और 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना है।