Bihar में नई टोल टैक्स नीति लागू, निजी वाहनों को मिलेगी राहत, कमर्शियल गाड़ियों के लिए तय हुए रेट
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में नई टोल टैक्स नीति ‘Bihar Road User Fee Rules, 2026’ लागू कर दी है। रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट ने सोमवार, 7 जुलाई 2026 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस नई नीति से आम
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में नई टोल टैक्स नीति ‘Bihar Road User Fee Rules, 2026’ लागू कर दी है। रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट ने सोमवार, 7 जुलाई 2026 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस नई नीति से आम जनता के निजी वाहनों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब उन्हें स्टेट हाईवे और पुलों पर टोल नहीं देना होगा।
मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने साफ किया है कि निजी वाहनों को स्टेट हाईवे, बड़े पुल, बाइपास और सुरंगों पर टोल टैक्स नहीं देना होगा। यह नीति मुख्य रूप से कमर्शियल यानी व्यावसायिक वाहनों के लिए बनाई गई है। वहीं, रोड कंस्ट्रक्शन मिनिस्टर Engineer Shailendra ने कहा कि सड़कों के रखरखाव के लिए फंड की जरूरत है, इसलिए यह फैसला लिया गया है।
टोल की वसूली FASTag या अन्य डिजिटल पेमेंट सिस्टम के जरिए होगी। जिन वाहनों में FASTag नहीं होगा या जो ओवरलोड होंगे, उनसे ज्यादा चार्ज लिया जाएगा। टोल न भरने पर लागू शुल्क का तीन गुना जुर्माना देना होगा। टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, ट्रैक्टर और पशुओं द्वारा खींचे जाने वाले वाहनों को टोल से पूरी तरह छूट दी गई है, बशर्ते वे सर्विस रोड का इस्तेमाल न करें।
| वाहन का प्रकार | टोल रेट (प्रति किलोमीटर) |
|---|---|
| कार, जीप, वैन और हल्के वाहन | ₹1.25 |
| छोटे कमर्शियल वाहन (मिनी बस, लाइट गुड्स कैरियर) | ₹2 |
| दो एक्सल वाली बस और ट्रक | ₹4.25 |
| तीन एक्सल वाले कमर्शियल वाहन | ₹4.60 |
| छह एक्सल वाले भारी निर्माण वाहन | ₹6.65 |
| सात या अधिक एक्सल वाले ओवरसाइज वाहन | ₹8.10 |
सड़कों की चौड़ाई के हिसाब से भी टोल तय किया गया है। फोर-लेन या उससे चौड़े रास्तों पर 100% रेट लगेगा, जबकि दो से चार लेन के बीच की सड़कों पर 60% और 5.5 मीटर चौड़ाई वाली सड़कों पर 50% रेट लगेगा। 5.5 मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर कोई टोल नहीं लिया जाएगा। पुलों के मामले में पुल की लंबाई का दस गुना हिस्सा कुल दूरी में जोड़कर टोल तय होगा।
हालांकि यह नियम अधिसूचित हो गए हैं, लेकिन सड़कों पर टोल वसूली नवंबर 2026 से पहले शुरू होने की उम्मीद नहीं है। विभाग अभी कैमरों के जरिए ट्रैफिक का सर्वे कर रहा है। अगले तीन महीनों में टोल कलेक्शन के लिए एजेंसी का चुनाव किया जाएगा। इस फैसले का CPI और RJD ने विरोध किया है और इसे वापस लेने की मांग की है।