Bihar: बिहार सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब दुर्घटना पीड़ितों को ट्रॉमा सेंटर में 1.5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलेगा। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई
Bihar: बिहार सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब दुर्घटना पीड़ितों को ट्रॉमा सेंटर में 1.5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलेगा। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तय किया गया कि घायलों को ‘गोल्डन आवर’ यानी हादसे के तुरंत बाद सही इलाज मिले ताकि मौतों की संख्या कम की जा सके।
मुफ्त इलाज और इनाम की क्या हैं शर्तें?
सरकार ने साफ किया है कि यह सुविधा नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर होने वाले हादसों के सभी पीड़ितों के लिए होगी। इलाज की सीमा और अन्य नियम नीचे दिए गए हैं:
- इलाज की अधिकतम राशि 1.5 लाख रुपये तक होगी।
- यह सुविधा हादसे की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक मिलेगी।
- घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार राहगीरों को 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।
- कैशलेस इलाज के लिए पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी है, जो गंभीर मामलों में 48 घंटे और सामान्य मामलों में 24 घंटे के भीतर होना चाहिए।
इलाज का खर्च कौन उठाएगा और कौन है नोडल एजेंसी?
इस पूरी योजना के लिए बिहार सड़क सुरक्षा परिषद नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगी। इलाज का भुगतान सीधे अस्पताल को किया जाएगा, जिसके लिए केंद्र सरकार के फंड या बिहार के सड़क सुरक्षा फंड का इस्तेमाल होगा। सरकार की योजना हर जिले में हाईवे के किनारे ट्रॉमा सेंटर बनाने की है, साथ ही निजी ट्रॉमा सेंटरों में भी मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी जिसका खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
ट्रैफिक और ड्राइवरों के लिए क्या नए बदलाव होंगे?
| सुविधा/नियम |
विवरण |
| ITMS सिस्टम |
प्रमुख शहरों में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू होगा |
| ड्राइवर ट्रेनिंग |
1 मई 2026 से ट्रेनिंग लेने वाले HMV ड्राइवरों को प्रोत्साहन राशि मिलेगी |
| ड्राइविंग टेस्ट |
हर जिले में साल भर ड्राइविंग टेस्टिंग की स्थायी व्यवस्था होगी |
| हादसों का वर्गीकरण |
हादसों को ‘माइनर’ और ‘मेजर’ कैटेगरी में बांटकर विश्लेषण किया जाएगा |