Bihar: बिहार सरकार ने पूर्व डीजीपी केएस द्विवेदी पर एक बार फिर भरोसा जताया है। उन्हें बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष पद पर सेवा विस्तार दिया गया है। 1984 बैच के इस आईपीएस अधिकारी की छवि काफी ईमानदार और कड़क
Bihar: बिहार सरकार ने पूर्व डीजीपी केएस द्विवेदी पर एक बार फिर भरोसा जताया है। उन्हें बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष पद पर सेवा विस्तार दिया गया है। 1984 बैच के इस आईपीएस अधिकारी की छवि काफी ईमानदार और कड़क मानी जाती है, इसलिए सरकार ने दरोगा बहाली जैसे महत्वपूर्ण काम के लिए उन्हें बरकरार रखा है।
केएस द्विवेदी को कब तक मिला सेवा विस्तार
गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, केएस द्विवेदी अब 68 वर्ष की आयु तक या अगले सरकारी आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। यह फैसला 20 अप्रैल, 2026 को लिया गया है। आपको बता दें कि डीजीपी पद से रिटायर होने के बाद उन्हें 10 अप्रैल, 2023 को BPSSC का अध्यक्ष बनाया गया था।
दरोगा भर्ती और युवाओं पर क्या होगा असर
इस फैसले का सीधा असर बिहार में सब-इंस्पेक्टर (SI) और अन्य पुलिस पदों की भर्ती पर पड़ेगा। अब आने वाली सभी चयन प्रक्रियाओं का नेतृत्व केएस द्विवेदी ही करेंगे। सरकार का मानना है कि उनके अनुभव से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और काम में तेजी आएगी, जिससे युवाओं को समय पर नियुक्तियां मिल सकेंगी।
कौन हैं केएस द्विवेदी और क्या है उनका इतिहास
- बैच: वह 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
- अनुभव: वह बिहार के डीजीपी रह चुके हैं और नीतीश कुमार ने उन्हें इस पद पर नियुक्त किया था।
- विवाद और क्लीन चिट: 1989 के भागलपुर दंगों के समय वह एसपी थे, तब राजीव गांधी उन्हें हटाना चाहते थे, लेकिन बाद में पटना हाई कोर्ट से उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी।
- वर्तमान भूमिका: वर्तमान में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने उनकी कार्यक्षमता पर भरोसा जताते हुए उन्हें सेवा विस्तार दिया है।