Bihar: बिहार सरकार ने जमीन विवादों और राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के तहत एक स्पेशल से
Bihar: बिहार सरकार ने जमीन विवादों और राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के तहत एक स्पेशल सेल बनाया गया है। इस सेल में DSP से लेकर इंस्पेक्टर, SI और ASI स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है जो दोषियों को रंगे हाथ पकड़ेंगे।
दाखिल खारिज और जमीन विवादों के लिए क्या हैं नए नियम
राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ किया है कि अब दाखिल खारिज के मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। बिना विवाद वाले मामलों को 35 दिनों के भीतर और विवादित मामलों को 75 दिनों में निपटाना होगा। जो केस 120 दिनों से ज्यादा पुराने हैं, उन्हें अगले 15 दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, 20 साल से पुराने केवाला के आधार पर म्यूटेशन के लिए अब ADM की जांच जरूरी होगी।
भ्रष्टाचार रोकने के लिए डिजिटल सिस्टम और सख्त कार्रवाई
सरकार ने अब सभी राजस्व सेवाओं को 100% ऑनलाइन कर दिया है ताकि आम लोगों को बिचौलियों और रिश्वतखोरी से मुक्ति मिले। 1 जनवरी 2026 से राजस्व रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियां केवल ऑनलाइन ही मिलेंगी। वहीं, जमीन और रेत माफियाओं पर नकेल कसने के लिए EOU की एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) भी बनाई गई है। इस यूनिट ने अब तक 54 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की है और मामला ED को भी भेजा गया है।
आम जनता के लिए क्या सुविधाएं शुरू हुई हैं
जमीन के रिकॉर्ड में सुधार के लिए ‘परिमार्जन प्लस’ पोर्टल शुरू किया गया है। बिहार देश का पहला राज्य बन गया है जिसने ‘स्थानीय दाखिल-खारिज प्रणाली’ को पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड किया है। अब अंचल अधिकारी (CO) और राजस्व कर्मचारी उन लोगों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज करा सकते हैं जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए काम में बाधा डालते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दाखिल खारिज (Mutation) में अब कितना समय लगेगा
बिना विवाद वाले मामलों का निपटारा 35 दिनों में और विवादित मामलों का 75 दिनों में करना होगा। 120 दिन से पुराने लंबित मामलों को 15 दिनों के भीतर पूरा करने का आदेश है।
पुराने केवाला पर जमीन रजिस्ट्री के क्या नियम हैं
अगर जमीन का केवाला 20 साल से ज्यादा पुराना है, तो दाखिल खारिज की प्रक्रिया तभी आगे बढ़ेगी जब Additional District Magistrate (ADM) इसकी जांच कर लेंगे।