Bihar में साइबर ठगी रोकने के लिए सरकार सख्त, हर जिले में मनाया जाएगा ‘साइबर मंगलवार’

Bihar: राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने के लिए बिहार सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) ने एक उच्चस्तरीय बैठक कर साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लोगों को जागरूक करने का प्लान तैयार

Bihar: राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने के लिए बिहार सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) ने एक उच्चस्तरीय बैठक कर साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लोगों को जागरूक करने का प्लान तैयार किया है। सरकार का लक्ष्य है कि आम जनता को ऑनलाइन ठगी से बचाया जाए और शिकायत करने पर तुरंत मदद मिले।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि अब हर जिले में नियमित रूप से ‘साइबर मंगलवार’ का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में 21 जुलाई 2026 को पूरे बिहार में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके जरिए लोगों को डिजिटल सुरक्षा और सुरक्षित तरीके से इंटरनेट इस्तेमाल करने की जानकारी दी जाएगी। इस अभियान में जिला प्रशासन के साथ शिक्षा विभाग, बैंक, पंचायत और स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जाएगी।

साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए बिहार पुलिस ‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’ चला रही है। बैठक में इस अभियान की समीक्षा की गई और निर्देश दिया गया कि ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों और मोबाइल नंबरों पर तुरंत एक्शन लिया जाए। साथ ही, सभी थानों में आईटी सब-इंस्पेक्टर की तैनाती की जाएगी ताकि तकनीकी काम तेजी से हो सकें। साइबर मुख्यालय की 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन भी पूरी तरह सक्रिय है, जिससे पीड़ित लोग मदद ले सकते हैं।

राज्य में साइबर शिकायतों के निपटारे में एकरूपता लाने के लिए हर जिले के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी। मुख्य सचिव ने ‘ग्रिवांस रिड्रेसल मॉड्यूल’ के तहत लंबित मामलों को समय सीमा के भीतर खत्म करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में भी साइबर सुरक्षा को लेकर प्रोग्राम चलाए जाएंगे।

मुख्य पहल विवरण
साइबर मंगलवार हर जिले में नियमित जागरूकता अभियान, अगला आयोजन 21 जुलाई 2026 को
ऑपरेशन साइबर प्रहार साइबर नेटवर्क को ध्वस्त करने और बैंक खातों को फ्रीज करने का विशेष अभियान
आईटी सब-इंस्पेक्टर तकनीकी कार्यों के लिए हर थाने में तैनाती सुनिश्चित करना
हेल्पलाइन 1930 साइबर ठगी के पीड़ितों के लिए 24 घंटे सक्रिय सहायता केंद्र
SOP का निर्माण शिकायतों के निपटारे में एकरूपता और तेजी लाने के लिए नियम
ई-साक्ष्य CCTNS प्रणाली के तहत हर FIR के साथ ई-साक्ष्य लिंक करना अनिवार्य

हाल के दिनों में पटना में ठगी के नए मामले सामने आए हैं, जहाँ बिना ओटीपी के खातों से पैसे निकाले गए और एक रिटायर्ड प्रोफेसर से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 82.53 लाख रुपये ठग लिए गए। वहीं, औरंगाबाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब तक 2.58 लाख रुपये पीड़ितों को वापस कराए हैं।