Bihar: बिहार सरकार ने एलपीजी गैस की कमी और बढ़ती कीमतों से परेशान परिवारों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब राशन कार्ड धारकों को उनके नजदीकी PDS दुकानों से खाना पकाने के लिए कोयला मिल सकेगा। यह कदम खास तौर पर ग्रामीण इला
Bihar: बिहार सरकार ने एलपीजी गैस की कमी और बढ़ती कीमतों से परेशान परिवारों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब राशन कार्ड धारकों को उनके नजदीकी PDS दुकानों से खाना पकाने के लिए कोयला मिल सकेगा। यह कदम खास तौर पर ग्रामीण इलाकों के गरीब परिवारों को राहत देने के लिए उठाया गया है ताकि उन्हें ईंधन के लिए वैकल्पिक साधन मिल सके।
कोयला वितरण के नियम और कोटा क्या है?
यह सुविधा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के लाभार्थियों और बीपीएल परिवारों को मिलेगी। नियमों के मुताबिक, राशन कार्ड धारकों को हर महीने 100 किलोग्राम तक कोयला दिया जाएगा। कोयला लेने के लिए ई-पीओएस मशीन के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन करना जरूरी होगा। अगर जरूरत पड़ी तो सरकार इस कोटे को आगे बढ़ा भी सकती है। राज्य की सभी 52,055 उचित मूल्य की दुकानों के जरिए यह वितरण किया जाएगा।
योजना की समय सीमा और जिम्मेदारी किसकी है?
बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSMCL) को इस पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। BSMCL कोल इंडिया लिमिटेड से कोयला खरीदकर साल 2025 से 2030 तक इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। थोक कोयला डीलरों के पंजीकरण की आखिरी तारीख 6 मई, 2026 तय की गई है। कोयले की कीमत का फैसला जिला मजिस्ट्रेट की अगुवाई में जिला स्तरीय टीम करेगी। अधिकारियों के मुताबिक, लॉजिस्टिक्स के काम की वजह से दुकानों पर कोयला पहुँचने में एक महीने से ज्यादा का समय लग सकता है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर क्या कहा गया है?
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैकल्पिक ईंधन देना जरूरी था। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी माना है कि लंबे समय तक कोयले के इस्तेमाल से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए सरकार लोगों के बीच सुरक्षित उपयोग के लिए जागरूकता अभियान भी चलाएगी। यह पूरा फैसला आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत लिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राशन कार्ड धारकों को कितना कोयला मिलेगा?
राशन कार्ड धारकों को प्रति माह 100 किलोग्राम तक कुकिंग कोयला मिलेगा, जिसकी पुष्टि ई-पीओएस मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद होगी।
कोयला कब से और कहाँ उपलब्ध होगा?
बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन 2025 से 2030 तक आपूर्ति करेगा। यह राज्य की 52,055 उचित मूल्य की (PDS) दुकानों पर उपलब्ध होगा।