Bihar: राज्य सरकार ने बाल श्रम को जड़ से खत्म करने के लिए कमर कस ली है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2026 के मौके पर पूरे बिहार में जागरूकता अभियान चलाया गया। पटना के दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में विशेष कार्
Bihar: राज्य सरकार ने बाल श्रम को जड़ से खत्म करने के लिए कमर कस ली है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2026 के मौके पर पूरे बिहार में जागरूकता अभियान चलाया गया। पटना के दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में विशेष कार्यक्रम हुआ, जहां मंत्री Arun Prasad ने साफ कहा कि हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए और बाल श्रम कराने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
बाल श्रम कराने वालों पर क्या होगी कार्रवाई
Child and Adolescent Labor Act 1986 के तहत 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम कराना कानूनी अपराध है। पकड़े जाने पर मालिकों को 20,000 रुपये से 50,000 रुपये तक का जुर्माना भरना होगा और 2 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक दोषी मालिक से प्रति बच्चा 20,000 रुपये का मुआवजा भी वसूला जाएगा। सरकार अब होटलों, ढाबों, ईंट भट्ठों और फैक्ट्रियों में छापेमारी तेज कर रही है।
जिले स्तर पर क्या कदम उठाए गए
बिहार के अलग-अलग जिलों में जागरूकता रथ रवाना किए गए हैं। Shivhar में DM Pratibha Rani और SP Shubhank Mishra ने रथ को हरी झंडी दिखाई। वहीं Katihar और Lakhisarai में भी इसी तरह के अभियान चलाए गए। Shivhar में रेस्क्यू किए गए बच्चों को पढ़ाई के लिए किट और 3,000 रुपये की तत्काल सहायता राशि दी गई ताकि वे वापस स्कूल जा सकें। Nalanda में लेबर सुपरिटेंडेंट Ashwin Kumar ने चेतावनी दी कि बच्चों का भविष्य बर्बाद करने वाले माता-पिता पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है।
अब तक की बड़ी कार्रवाई और पुनर्वास
मई 2026 के आखिरी दिनों में चलाए गए अभियान में राज्य भर से 122 बाल श्रमिकों को छुड़ाया गया और 60 मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। सरकार ने Prayas Juvenile Aid Centre के साथ समझौता किया है, जिसके तहत पटना, गया और सीतामढ़ी के ट्रेनिंग सेंटरों में 100 बच्चों को शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस साल की थीम ‘Red Card to Child Labor’ रखी गई है ताकि समाज में इस बुराई के खिलाफ कड़ा संदेश जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बाल श्रम कराने वाले मालिक को कितनी सजा और जुर्माना हो सकता है?
दोषी मालिक को 20,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना और 2 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार प्रति बच्चा 20,000 रुपये का मुआवजा भी देना होगा।
बाल श्रम की शिकायत कहाँ और कैसे करें?
आम नागरिक बाल श्रम के मामलों की रिपोर्ट Child Helpline नंबर 1098 पर कर सकते हैं, ताकि बच्चों को तुरंत रेस्क्यू कर शिक्षा से जोड़ा जा सके।