Bihar: बिहार सरकार ने शहरी विकास को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की कैबिनेट ने 11 प्रमुख शहरों के बाहरी इलाकों में जमीन की रजिस्ट्री, बिक्री और निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगा दी
Bihar: बिहार सरकार ने शहरी विकास को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की कैबिनेट ने 11 प्रमुख शहरों के बाहरी इलाकों में जमीन की रजिस्ट्री, बिक्री और निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगा दी है. सरकार का मकसद इन इलाकों में बिना प्लानिंग के बन रहे मकानों और दुकानों को रोकना है ताकि भविष्य के लिए आधुनिक ‘Greenfield Satellite Townships’ विकसित की जा सकें.
किन शहरों में कब तक रहेगी रोक
बिहार अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2012 के तहत यह फैसला लिया गया है. अलग-अलग शहरों के लिए समय सीमा तय की गई है:
- Patna, Sonepur, Gaya, Darbhanga, Saharsa, Purnea और Munger: यहाँ 31 मार्च 2027 तक रोक रहेगी.
- Muzaffarpur, Chhapra, Bhagalpur और Sitamarhi: यहाँ 30 जून 2027 तक रोक रहेगी.
अगर मास्टर प्लान समय से पहले बनकर तैयार हो जाते हैं, तो यह पाबंदी पहले भी हटाई जा सकती है.
कौन से शहर और उनके नए नाम क्या होंगे
सरकार इन शहरों के पास नए आर्थिक केंद्र और टाउनशिप बसाने की तैयारी में है. इसकी लिस्ट नीचे दी गई है:
| शहर का नाम |
प्रस्तावित टाउनशिप नाम |
| Patna |
Patliputra |
| Sonepur |
Hariharnathpur/Hariharnathpuram |
| Gayaji |
Magadh |
| Darbhanga |
Mithila |
| Munger |
Ang |
| Purnea |
Purnia |
| Saharsa |
Koshi |
| Chhapra |
Saran |
| Muzaffarpur |
Tirhut |
| Bhagalpur |
Vikramsheela |
| Sitamarhi |
Sitapuram |
सरकार की प्लानिंग और विपक्ष का क्या कहना है
शहरी विकास और आवास विभाग के प्रधान सचिव Vinay Kumar ने बताया कि इन टाउनशिप का कोर एरिया 800 से 1,200 एकड़ होगा, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है. इससे शहरों में ट्रैफिक, जलजमाव और गंदगी जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी. वहीं, विपक्ष की नेता Rohini Acharya ने इस फैसले की आलोचना की है. उनका कहना है कि इससे आम लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा और डर है कि सस्ती जमीन बड़े कॉर्पोरेट घरानों को दे दी जाएगी.