Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शनिवार, 23 मई 2026 को सरकार ने 20 नई औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें लगभग 350 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इन प्रोजेक्ट्स
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शनिवार, 23 मई 2026 को सरकार ने 20 नई औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें लगभग 350 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इन प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से राज्य के युवाओं के लिए करीब 2,300 नए नौकरी के अवसर पैदा होंगे।
इन जिलों और सेक्टर में लगेंगे नए उद्योग
इन नए प्रोजेक्ट्स के लिए करीब 30 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। ये इकाइयां कुमारबाग, बेगूसराय, हाजीपुर, पाटलिपुत्र, बरियारपुर और सासाराम जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित की जाएंगी। इनमें मुख्य रूप से फूड प्रोसेसिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग, PVC और UPVC पाइप, हेल्थकेयर और CBG जैसे सेक्टर शामिल हैं। भारत GPS बायोएनर्जी, क्रिस्पानो फूड्स एंड बेवरेज और रायुश हेल्थकेयर जैसी कंपनियां इनमें शामिल हैं।
BIADA की नई पॉलिसी से आसान होगा जमीन का आवंटन
उद्योग विभाग के तहत आने वाले BIADA ने ‘BIADA लैंड अलॉटमेंट एंड मैनेजमेंट पॉलिसी, 2026’ लागू की है। अब औद्योगिक प्लॉट और शेड का आवंटन पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से होगा। प्राइम लोकेशन के लिए ई-नीलामी की सुविधा होगी और बिहार में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स व सूक्ष्म और लघु इकाइयों को बयाना राशि (EMD) में राहत दी जाएगी। लीज की अवधि 30, 60 और 90 साल के विकल्प में उपलब्ध होगी।
क्या बोले अधिकारी और मंत्री
उद्योग मंत्री Shreyasi Singh ने कहा कि ये प्रोजेक्ट्स बिहार के तकनीकी विकास को नई दिशा देंगे और स्थानीय युवाओं को स्किल-आधारित रोजगार मिलेंगे। वहीं, उद्योग विभाग के सचिव और BIADA के MD Kundan Kumar ने बताया कि सरकार निवेशकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है ताकि राज्य में संतुलित औद्योगिक विकास हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार की नई औद्योगिक परियोजनाओं से कितने लोगों को नौकरी मिलेगी?
मई 2026 में मंजूर हुए 20 नए औद्योगिक प्रोजेक्ट्स से राज्य में लगभग 2,300 नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
BIADA की नई लैंड पॉलिसी 2026 में क्या खास है?
नई पॉलिसी के तहत जमीन का आवंटन अब ऑनलाइन और पारदर्शी होगा। इसमें ई-नीलामी की सुविधा और स्टार्टअप्स के लिए बयाना राशि में छूट का प्रावधान किया गया है।