Bihar में अब दूसरे राज्यों के डॉक्टर कर पाएंगे प्रैक्टिस, रजिस्ट्रेशन की झंझट खत्म; स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने दी जानकारी
Bihar: बिहार के मरीजों के लिए अच्छी खबर है। अब दूसरे राज्यों के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ बिना किसी अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन के बिहार में आकर इलाज कर सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए दो विधे
Bihar: बिहार के मरीजों के लिए अच्छी खबर है। अब दूसरे राज्यों के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ बिना किसी अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन के बिहार में आकर इलाज कर सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए दो विधेयकों को मंजूरी मिलने के बाद यह बड़ा बदलाव किया गया है। इससे राज्य में विशेषज्ञों की कमी दूर होगी और लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
बिहार विधानसभा ने 21 जुलाई, 2026 को बिहार चिकित्सा (संशोधन) अध्यादेश और बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) अध्यादेश को मंजूरी दी। ये नियम 26 जून, 2026 से ही लागू मान लिए गए हैं। अब बाहरी राज्यों के डॉक्टरों और नर्सों को बिहार में प्रैक्टिस करने के लिए अलग से री-रजिस्ट्रेशन या एनओसी (NOC) लेने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें बस एक तय फॉर्म में अपना वैध सर्टिफिकेट और स्व-प्रमाणन (Self-Certification) ऑनलाइन जमा करना होगा।
यह सुविधा सिर्फ डॉक्टरों तक सीमित नहीं है, बल्कि फिजियोथेरेपिस्ट, लैब टेक्नीशियन, ऑप्टोमेट्रिस्ट और ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट जैसे अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों पर भी लागू होगी। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि पुरानी व्यवस्था काफी जटिल थी, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा।
प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए सरकार एक एकीकृत हेल्थ लाइसेंसिंग डिजिटल पोर्टल भी बनाएगी। इसके जरिए अस्पताल, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटरों के सभी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन का काम ऑनलाइन हो जाएगा। हालांकि, सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर कोई डॉक्टर किसी गलत काम या पेशेवर कदाचार का दोषी पाया जाता है, तो बिहार चिकित्सा परिषद उसका लाइसेंस निलंबित कर सकती है और इसकी जानकारी नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को दी जाएगी।