Bihar में ‘डिजिटल अरेस्ट’ और साइबर ठगी पर सरकार का बड़ा एक्शन, 1930 हेल्पलाइन का होगा व्यापक प्रचार

Bihar: राज्य में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट के मामलों को रोकने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और DGP विनय कुमार ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाध

Bihar: राज्य में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट के मामलों को रोकने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और DGP विनय कुमार ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक का मकसद लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाना और अपराधियों पर नकेल कसना था।

मुख्य सचिव ने साफ कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जाए। इस नंबर का प्रचार इतना ज्यादा किया जाएगा कि यह हर आम आदमी की नजर में रहे। अब यह हेल्पलाइन नंबर बिजली बिल, मोबाइल रिचार्ज ऐप्स, सुधा दूध के पैकेट, सुधा पार्लर, नगर निगम के डिजिटल डिस्प्ले और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर प्रमुखता से दिखेगा।

छात्रों और युवाओं को जागरूक करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से ‘साइबर मंगलवार’ कार्यक्रम चलाने को कहा गया है। साथ ही, 1 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी के मामलों में ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) की प्रक्रिया को तेज कर उसे जल्द नियमित एफआईआर में बदलने का निर्देश दिया गया है। फर्जी सिम बेचने वाले गिरोहों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।

मुख्य कार्रवाई और आंकड़े विवरण
ऑपरेशन साइबर प्रहार 6,251 म्यूल बैंक खाते जाँचे गए
कानूनी कार्रवाई 702 लोगों पर केस दर्ज
गिरफ्तारियां 507 साइबर अपराधी पकड़े गए
हॉटस्पॉट जिले नवादा, नालंदा, पटना और शेखपुरा
सुधा दूध केंद्र 10 अगस्त से जागरूकता बैनर-पोस्टर लगेंगे

यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद तेज हुई है जिसमें 5 अगस्त 2026 को डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर कड़ा रुख अपनाया गया था। कोर्ट ने केंद्र, राज्यों और RBI को ठगी गई राशि की समय पर वापसी के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने को कहा है। बिहार के पटना जिले में एटीएम और चेक के जरिए धोखाधड़ी के मामले काफी ज्यादा पाए गए हैं, जिस पर प्रशासन अब कड़ी नजर रख रहा है।