Bihar: गया और बोधगया के बीच सरकार एक नया सैटेलाइट टाउनशिप बसाने जा रही है, जिसे ‘मगध’ नाम दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए मास्टर प्लान 2041 तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत इलाके में जमीन की खरीद-बिक्री और ट्
Bihar: गया और बोधगया के बीच सरकार एक नया सैटेलाइट टाउनशिप बसाने जा रही है, जिसे ‘मगध’ नाम दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए मास्टर प्लान 2041 तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत इलाके में जमीन की खरीद-बिक्री और ट्रांसफर पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यह कदम शहर के नियोजित विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
जमीन की खरीद-बिक्री पर कब तक है रोक?
बिहार कैबिनेट ने राज्य के 11 शहरों में सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की मंजूरी दी है। गया (मगध) समेत पटना, सोनपुर, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर जैसे शहरों में जमीन की रजिस्ट्री और खरीद-बिक्री पर 31 मार्च 2027 तक या मास्टर प्लान तैयार होने तक रोक रहेगी। वहीं मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी के लिए यह रोक 30 जून 2027 तक लागू रहेगी।
क्या है मगध टाउनशिप और इसके फायदे?
गया में प्रस्तावित इस टाउनशिप के लिए शुरुआती तौर पर 400 एकड़ जमीन की बात कही गई है, लेकिन कोर एरिया 800 से 1200 एकड़ तक हो सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर की आबादी का दबाव कम करना और नए रोजगार पैदा करना है। इसके अलावा गया के पास 1,670 एकड़ में एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग टाउनशिप बनाने की भी योजना है, जो अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) का हिस्सा होगी।
प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें
| विवरण |
जानकारी |
| टाउनशिप का नाम |
मगध (गया) |
| कुल टाउनशिप संख्या |
11 (पूरे बिहार में) |
| नियम |
Bihar Urban Planning Scheme Rules-2025 |
| गया औद्योगिक हब निवेश |
13.39 बिलियन रुपये |
| विशेष प्रोजेक्ट |
सेमीकंडक्टर यूनिट की तैयारी |
राजनीतिक विवाद और अधिकारियों का पक्ष
इस फैसले के बाद राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। RJD नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के फैसले की आलोचना की है और इसे अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बताया है। वहीं, कैबिनेट सचिव अरविन्द कुमार चौधरी और नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने पुष्टि की है कि यह योजना आधुनिक तकनीक और नियोजित शहरीकरण के लिए जरूरी है।