Bihar के गया में 30 फीट गहरे बोरवेल में गिरा बच्चा, 7 घंटे की मशक्कत के बाद NDRF-SDRF ने सुरक्षित निकाला
Bihar/Gaya: गया जिले के फतेहपुर प्रखंड में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ रघुनाथ नगर गांव में खेलते समय एक छोटा बच्चा खुले बोरवेल में गिर गया था। करीब सात घंटे तक चले बेहद तनावपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद NDRF और S
Bihar/Gaya: गया जिले के फतेहपुर प्रखंड में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ रघुनाथ नगर गांव में खेलते समय एक छोटा बच्चा खुले बोरवेल में गिर गया था। करीब सात घंटे तक चले बेहद तनावपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद NDRF और SDRF की टीम ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे परिवार और गांव वालों ने राहत की सांस ली है।
यह पूरी घटना 16 जुलाई, 2026 की शाम को हुई। दिनेश कुमार का तीन से चार साल का बेटा पीयूष कुमार खेलते-खेलते अचानक एक खुले बोरवेल में जा गिरा। बताया जा रहा है कि यह बोरवेल नल-जल योजना के तहत खोदा गया था, लेकिन इसे खुला छोड़ दिया गया था। पीयूष करीब 30 से 35 फीट की गहराई में फंस गया था। हादसे की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत जिला प्रशासन को सूचना दी गई।
जिलाधिकारी (DM) शशांक शुभंकर के निर्देश पर प्रशासन की पूरी टीम मौके पर पहुंची। बचाव कार्य का नेतृत्व अंचल अधिकारी अमित सिंह, बीडीओ शशि भूषण साहू और डीएसपी सुनील कुमार पांडेय जैसे वरिष्ठ अधिकारी कर रहे थे। NDRF और SDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया और पाइप के जरिए बच्चे को लगातार ऑक्सीजन सप्लाई दी गई ताकि वह सांस ले सके। देर रात 17 जुलाई की सुबह तक चले इस अभियान के बाद पीयूष को सकुशल बाहर निकाल लिया गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे पूरी तरह स्वस्थ बताया।
इस पूरे बचाव अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई। आपदा प्रबंधन विभाग के एडीएम ने बताया कि मौके पर भेजे गए पांच ऑक्सीजन सिलेंडरों में से चार खाली पाए गए। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है। ग्रामीणों ने बच्चे को बचाने के लिए प्रशासन और बचाव दलों की कोशिशों की सराहना की है।