Bihar में बाढ़ से बचाव की तैयारी तेज, सचिव ने सारण और वैशाली में कटाव निरोधक कार्यों का किया निरीक्षण
Bihar: राज्य में बाढ़ 2026 से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। तटबंधों की सुरक्षा और कटाव रोकने के कामों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर निरीक्ष
Bihar: राज्य में बाढ़ 2026 से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। तटबंधों की सुरक्षा और कटाव रोकने के कामों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर निरीक्षण कर रहे हैं ताकि मानसून के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी हो।
8 जुलाई 2026 को सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सारण और वैशाली जिलों का दौरा किया। सारण के सोनपुर प्रखंड के सबलपुर पछियारी टोला में गंगा नदी के किनारे चल रहे कटाव निरोधक कार्यों की समीक्षा की गई। यहाँ उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बोल्डर एप्रन का काम हर हाल में 10 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाए। साथ ही स्लोप में बोल्डर पिचिंग और अन्य सभी जरूरी काम इस महीने के अंत तक खत्म करने को कहा गया है।
इसके बाद सचिव वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के गनियारी गांव पहुंचे। यहाँ चल रहे बोल्डर एप्रन और स्लोप पिचिंग के काम अंतिम चरण में मिले, जिन्हें एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया। डॉ. सिंह ने साफ किया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और समय पर काम पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बिहार में 1 जून 2026 से ही बाढ़ का मौसम शुरू हो चुका है, जिसके बाद सभी तटबंधों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। राज्य के 29 बाढ़ प्रवण जिलों में से 15 जिलों को ‘अति बाढ़ प्रवण’ श्रेणी में रखा गया है, जहाँ विशेष नजर रखी जा रही है। गंडक, कोसी, गंगा और बागमती जैसी नदियों के बेसिन में कुल 381 स्थलों पर कटाव रोकने के काम चल रहे हैं।
इससे पहले 27 जून को गोपालगंज के डीएम समीर सौरभ ने सारण तटबंध का निरीक्षण किया था और 4 जुलाई को भागलपुर के इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध पर भी सचिव ने काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया था। सरकार ने सभी संवेदनशील तटबंधों की मरम्मत मानसून से पहले पूरी करने का लक्ष्य रखा है ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।