Bihar में पहली नदी जोड़ परियोजना पूरी, बागमती से जुड़ी बूढ़ी गंडक; 8.50 लाख लोगों को मिलेगा फायदा
Bihar: बिहार में जल प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा काम पूरा हो गया है। राज्य की पहली नदी जोड़ परियोजना, बागमती-बूढ़ी गंडक लिंक प्रोजेक्ट अब पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को इसका उद्घाट
Bihar: बिहार में जल प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा काम पूरा हो गया है। राज्य की पहली नदी जोड़ परियोजना, बागमती-बूढ़ी गंडक लिंक प्रोजेक्ट अब पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को इसका उद्घाटन किया। करीब तीन साल पहले शुरू हुई इस परियोजना से अब लाखों लोगों की जिंदगी आसान होगी।
इस प्रोजेक्ट के जरिए बागमती नदी के अतिरिक्त 50,000 क्यूसेक पानी को बेलवा घाट पर बने हेड रेगुलेटर के माध्यम से बूढ़ी गंडक नदी में भेजा जाएगा। इससे न सिर्फ सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि इलाके का गिरता भू-गर्भ जलस्तर भी ऊपर आएगा। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन के विज़न को पूरा करने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
इस परियोजना का विस्तार और इसके फायदे नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परियोजना का नाम | बागमती-शांतिधार-बूढ़ी गंडक लिंक परियोजना |
| कुल लागत | ₹130.88 करोड़ |
| चैनल की लंबाई | लगभग 68.80 किलोमीटर (बेलवा से मीनापुर तक) |
| लाभान्वित आबादी | लगभग 8.50 लाख लोग |
| सिंचाई का लाभ | शिवहर, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी |
| बाढ़ से राहत | मुजफ्फरपुर, शिवहर और सीतामढ़ी |
| नया निर्माण | 10 नए पुल और पुलिया बनाई गईं |
शिवहर जिले के पिपराही, डुमरी कटसरी, तरियानी और शिवहर प्रखंड के चार दर्जन से ज्यादा गांवों के किसानों को अब सिंचाई के लिए पानी आसानी से मिल सकेगा। इस काम के दौरान पुराने और कम जलमार्ग वाले सात पुलों को हटाकर नए और मजबूत पुल बनाए गए हैं ताकि पानी का बहाव सही रहे और आवाजाही में दिक्कत न हो।