Bihar: पटना के बिहटा स्थित बियाडा इंडस्ट्रियल एरिया में बिहार के पहले लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप Icon Spiral Electronics की शुरुआत हो गई है। दीघा विधायक संजीव चौरसिया और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल
Bihar: पटना के बिहटा स्थित बियाडा इंडस्ट्रियल एरिया में बिहार के पहले लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप Icon Spiral Electronics की शुरुआत हो गई है। दीघा विधायक संजीव चौरसिया और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल खेतान ने मिलकर इस नई पहल का अनावरण किया। इस प्लांट के शुरू होने से अब बिहार केवल इलेक्ट्रॉनिक्स का बाजार नहीं रहेगा, बल्कि यहाँ खुद के ब्रांड के कंप्यूटर और टैबलेट भी तैयार होंगे।
इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में क्या-क्या बनेगा और कौन है इसके पीछे?
आईकान स्पाईरल इलेक्ट्रॉनिक्स की शुरुआत भागलपुर के रहने वाले अनामिका सिंह और अनुपम सिंह ने की है। अनामिका सिंह के पास बिजनेस और मार्केटिंग का दो दशकों का अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। बिहटा के इस प्लांट में कई तरह के डिजिटल उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
- स्वदेशी रूप से असेंबल किए गए लैपटॉप
- ऑल-इन-वन पीसी (AIO)
- एंड्रॉइड और विंडोज टैबलेट
- मिनी पीसी और अन्य कंप्यूटिंग समाधान
कंपनी का मुख्य लक्ष्य लोगों को कम कीमत पर भरोसेमंद और हाई-क्वालिटी इलेक्ट्रॉनिक सामान उपलब्ध कराना है। इससे राज्य में मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में नए रोजगार भी पैदा होंगे।
बिहार सरकार की नई आईटी नीति से उद्योगों को कैसे मिल रही है मदद?
बिहार सरकार अपनी आईटी नीति 2024 के जरिए निवेशकों को लुभाने के लिए बड़े आर्थिक फायदे दे रही है। राज्य सरकार का इरादा बिहार को एक आईटी हब में बदलने का है, जिसके लिए कई आकर्षक स्कीम चलाई जा रही हैं।
| सुविधा का नाम |
मिलने वाली छूट/सब्सिडी |
| पूंजी निवेश सब्सिडी |
30 करोड़ तक के निवेश पर 30% सब्सिडी |
| ब्याज सबवेंशन |
5 साल के लिए 10% (40 करोड़ तक सीमित) |
| किराया सब्सिडी |
5 साल के लिए 50% लीज रेंटल सब्सिडी |
| बिजली बिल |
टैरिफ पर 25% की सब्सिडी |
पटना और दानापुर के बाहर यूनिट लगाने वाली कंपनियों को 10% अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सरकार का दावा है कि राज्य की यह नीति देश के अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे बेहतर प्रोत्साहन प्रदान करती है।
बिहार में आईटी क्षेत्र का भविष्य और आगामी योजनाएं
बिहार में अब आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स का माहौल तेजी से बदल रहा है। उद्योग विभाग के मुताबिक, करीब 40 से अधिक कंपनियों ने राज्य में निवेश की इच्छा जताई है। इनमें से 20 कंपनियों के साथ बातचीत अंतिम दौर में है, जो ड्रोन, डेटा सेंटर और लैपटॉप बनाने जैसे काम करेंगी। इसके अलावा बिहार सरकार ने ‘बिहार-वन’ प्रोजेक्ट के लिए नोएडा की कंपनी CIPL के साथ 87 करोड़ रुपये का करार किया है, जो जुलाई 2026 तक पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। सरकार 2025 में एक विशेष जीसीसी नीति भी लाने वाली है ताकि दुनिया भर की बड़ी कंपनियां अपने बैक-एंड ऑफिस बिहार में खोल सकें।