Bihar: राज्य के किसानों के लिए खेती-किसानी को आसान बनाने के लिए सरकार ने कई नए कदम उठाए हैं। अब किसानों को अपनी फसलों और मशीनों की जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। भागलपुर के सबौर में एक आधुनिक सेंटर बनाया जाएगा, जिससे
Bihar: राज्य के किसानों के लिए खेती-किसानी को आसान बनाने के लिए सरकार ने कई नए कदम उठाए हैं। अब किसानों को अपनी फसलों और मशीनों की जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। भागलपुर के सबौर में एक आधुनिक सेंटर बनाया जाएगा, जिससे खेती के उपकरणों की क्वालिटी की जांच स्थानीय स्तर पर ही हो सकेगी।
मिट्टी जांच और डिजिटल खेती के लिए क्या बदलाव हुए
बिहार सरकार ने खेती को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल कृषि निदेशालय की शुरुआत की है। इसके तहत 25 जिलों में 32 नई मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं खोली गई हैं। साथ ही 12 बीज प्रक्षेत्रों में मॉडल कस्टम हायरिंग सेंटर शुरू किए गए हैं। सरकार की योजना है कि राज्य के 470 प्रखंडों में मिट्टी जांच केंद्र खोले जाएं ताकि किसानों को अपनी जमीन की सेहत का पता आसानी से चल सके।
फसल नुकसान और डिजिटल सर्वे से कैसे मिलेगी मदद
खरीफ फसलों का अब डिजिटल सर्वे किया जाएगा, जिसमें जियो-टैगिंग और फोटोग्राफी का इस्तेमाल होगा। इससे किसानों को खाद और बीज जैसी योजनाओं का लाभ सीधा मिलेगा। इसके अलावा, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना शुरू की गई है। भागलपुर समेत 13 जिलों के किसान 5 मई 2026 तक इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
अनुदान राशि और डिजिटल सुविधाओं की जानकारी
| क्षेत्र का प्रकार |
सहायता राशि (प्रति हेक्टेयर) |
| असिंचित क्षेत्र |
₹8,500 |
| सिंचित क्षेत्र |
₹17,000 |
| बारहमासी फसलें |
₹22,500 |
किसानों की मदद के लिए बिहार कृषि ऐप भी लॉन्च किया गया है। इस ऐप के जरिए किसान खाद की उपलब्धता, बाजार भाव, मौसम की जानकारी और सरकारी योजनाओं की अपडेट ले सकेंगे। हालांकि, केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए मिट्टी नमूनों की जांच के लक्ष्य को 6 लाख से घटाकर 1.5 लाख कर दिया है, जिसके बाद अब जिलावार नए लक्ष्य तय किए जाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
फसल नुकसान के लिए अनुदान के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित भागलपुर सहित 13 जिलों के किसान 5 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
बिहार कृषि ऐप से किसानों को क्या लाभ मिलेगा
इस ऐप के माध्यम से किसान खाद का स्टॉक, फसलों के बाजार दाम, मौसम का पूर्वानुमान और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही जगह पा सकेंगे।