Bihar: बिहार में सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य में कई हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर काम तेजी से चल रहा है। इन सड़कों के बनने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि व्यापार और रोजगार के नए मौ
Bihar: बिहार में सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य में कई हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर काम तेजी से चल रहा है। इन सड़कों के बनने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि व्यापार और रोजगार के नए मौके भी मिलेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य की कनेक्टिविटी को इतना बेहतर किया जाए कि अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिले।
अमास-दरभंगा और पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे की क्या है स्थिति
अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे (NH-119D) बिहार का पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है। यह गया के अमास को दरभंगा के बेला नवादा से जोड़ेगा। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे पटना-दरभंगा के बीच का समय करीब 4 घंटे कम हो जाएगा। वहीं, पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे (NE-9) लगभग 245 से 280 किलोमीटर लंबा होगा। इसे 2028 तक पूरा करने की संभावना है, जिससे पटना से पूर्णिया का 7-8 घंटे का सफर अब सिर्फ 3-4 घंटे में पूरा हो सकेगा।
किन-किन जिलों को होगा फायदा और क्या है नया मॉडल
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा समेत आठ जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। यह रास्ता पश्चिम बंगाल और नेपाल तक की कनेक्टिविटी को भी सुधार देगा। इसके अलावा, बिहार सरकार अब उत्तर प्रदेश की तर्ज पर एक नई अथॉरिटी बना रही है। इसके जरिए PPP मॉडल (निजी साझेदारी) से पांच नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे, जिनमें बक्सर-भागलपुर और रक्सौल-हल्दिया जैसे मार्ग शामिल हैं। इन सभी का लक्ष्य 2030 तक पूरा करना है।
अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स और कनेक्टिविटी अपडेट
भारतमाला परियोजना के तहत पटना-आरा-सासाराम मार्ग को सिग्नल-फ्री बनाया जा रहा है। साथ ही, गोरखपुर-सिलीगुड़ी कॉरिडोर से उत्तर बिहार के आठ जिलों को फायदा होगा। एक खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश में बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे और शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के कारण बिहार से दिल्ली तक की सड़क यात्रा में 15-18 घंटे की कमी आने की उम्मीद है। पटना शहर के ट्रैफिक को कम करने के लिए जेपी गंगा पथ का विस्तार भी किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से कितना समय बचेगा?
इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद पटना से पूर्णिया का सफर जो अभी 7-8 घंटे लेता है, वह घटकर केवल 3-4 घंटे रह जाएगा। यह 2028 तक पूरा होने की संभावना है।
अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे कब तक शुरू होगा?
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे को दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।