Bihar: बिहार में सफर करना अब पहले से आसान होने वाला है। राज्य में कई बड़े एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क पर तेजी से काम चल रहा है। केंद्र की भारतमाला परियोजना और राज्य सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत ऐसे हाईवे
Bihar: बिहार में सफर करना अब पहले से आसान होने वाला है। राज्य में कई बड़े एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क पर तेजी से काम चल रहा है। केंद्र की भारतमाला परियोजना और राज्य सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत ऐसे हाईवे बनाए जा रहे हैं, जिससे शहरों और गांवों के बीच की दूरी कम होगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
किन बड़े एक्सप्रेसवे पर चल रहा है काम और क्या है अपडेट
बिहार में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कई मेगा प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे राज्य का पहला ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसकी लंबाई 244.961 किलोमीटर होगी और इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, वाराणसी-औरंगाबाद एक्सप्रेसवे का 95% काम पूरा हो चुका है, जो 2026 के मध्य तक शुरू हो सकता है। इसके अलावा, पटना-सासाराम एक्सप्रेसवे बनने के बाद पटना से सासाराम की दूरी सिर्फ 90 मिनट में तय हो सकेगी।
सफर में कितनी कमी आएगी और क्या होगा फायदा
नए एक्सप्रेसवे नेटवर्क से दिल्ली और अन्य राज्यों तक पहुंचना आसान होगा। गंगा एक्सप्रेसवे और शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के जुड़ने से बिहार से दिल्ली की सड़क यात्रा अब 15-18 घंटे में पूरी हो सकेगी, जबकि उत्तरी बिहार से यह समय घटकर 12 घंटे रह जाएगा। गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से उत्तर बिहार के कस्बों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। साथ ही, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे के जरिए नेपाल और पश्चिम बंगाल के बंदरगाह से सीधा संपर्क जुड़ेगा।
सरकार की नई योजना और प्रशासनिक तैयारी
बिहार सरकार ने 2025-30 के बीच पांच नए एक्सप्रेसवे बनाने का लक्ष्य रखा है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए राज्य में ‘बिहार एक्सप्रेसवे अथॉरिटी’ बनाने पर विचार किया जा रहा है। पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि इसके लिए एक विशेष समिति बनाई गई है जो दूसरे राज्यों के सफल मॉडल का अध्ययन करेगी। साथ ही, पुलों के रखरखाव के लिए बिहार राज्य पुल प्रबंधन एवं संधारण नीति 2025 लागू की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से क्या फायदा होगा?
यह 244.961 किमी लंबा 6-लेन एक्सप्रेसवे होगा, जिससे पटना से पूर्णिया की यात्रा मात्र 3 घंटे में पूरी होगी। यह पश्चिम बंगाल और नेपाल से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा और पूर्णिया हवाई अड्डे को भी जोड़ेगा।
वाराणसी-औरंगाबाद एक्सप्रेसवे कब तक तैयार होगा?
इस 192 किलोमीटर लंबे छह लेन के एक्सप्रेसवे का 95% से अधिक काम पूरा हो चुका है और इसके 2026 के मध्य तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।