Bihar में आय से अधिक संपत्ति मामले में इंजीनियर के 5 ठिकानों पर छापेमारी, 2.20 करोड़ की संपत्ति मिली
Bihar: बिहार सरकार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लघु जल संसाधन विभाग के बांका प्रमंडल में तैनात कार्यपालक अभियंता Harendra Kumar के पटना, बांका और वैशाली स्थित पांच ठिकानों पर
Bihar: बिहार सरकार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लघु जल संसाधन विभाग के बांका प्रमंडल में तैनात कार्यपालक अभियंता Harendra Kumar के पटना, बांका और वैशाली स्थित पांच ठिकानों पर मंगलवार को छापेमारी की गई। यह पूरी कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति जमा करने के मामले में की गई है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, Harendra Kumar ने अपनी आधिकारिक सैलरी और कमाई के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज्यादा संपत्ति बना ली थी। छापेमारी के दौरान उनके पास से करीब 2.20 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाबी संपत्ति मिली है। इस मामले में Harendra Kumar के साथ उनकी पत्नी Kumari Soni का नाम भी सामने आया है, क्योंकि कई संपत्तियां उनके नाम पर दर्ज हैं।
SVU ने छापेमारी के दौरान ₹12.92 लाख कैश जब्त किया है, जिसमें से ₹9.50 लाख अकेले पटना के पत्रकार नगर स्थित फ्लैट से मिले। इसके अलावा करीब 81 लाख रुपये के सोने और चांदी के जेवरात भी बरामद हुए हैं। अधिकारियों को आठ ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो फ्लैट और जमीन जैसी अचल संपत्तियों से जुड़े हैं। साथ ही महंगी कारों, बाइक और स्कूटरों के बिल और वाउचर भी जब्त किए गए हैं। जांच टीम को SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा और बंधन बैंक में उनके और उनकी पत्नी के पांच बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिसकी जांच जारी है। उन्होंने 2015 में सरकारी सेवा शुरू की थी और आरोप है कि 11 साल के भीतर उन्होंने आठ संपत्तियां बना लीं।
| संपत्ति का विवरण | कीमत/विवरण | खरीद का समय |
|---|---|---|
| फ्लैट (पत्रकार नगर, पटना) | ₹71.72 लाख | मई 2023 |
| फ्लैट (मिथपुर कृषि फार्म के पास) | ₹26.76 लाख | – |
| जमीन (दानापुर) | ₹15 लाख | अगस्त 2024 |
| जमीन (संपतचक) | ₹4.38 लाख | मई 2024 |
| जमीन (परसा) | ₹4.38 लाख | मई 2024 |
| नकद राशि | ₹12.92 लाख | – |
| जेवरात (सोना-चांदी) | ₹81 लाख | – |
Harendra Kumar करीब एक महीने पहले गया से बांका ट्रांसफर होकर आए थे। बताया जा रहा है कि गया में रहने के दौरान ही किसी व्यक्ति द्वारा उनके खिलाफ शिकायत की गई थी, जिसके बाद यह पूरी जांच और छापेमारी शुरू हुई। इस मामले में 10 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी।