Bihar में EWS प्रमाणपत्र की वैधता बढ़ी, अब एक साल तक रहेगा मान्य; आय गणना के नियमों में भी बड़ा बदलाव
Bihar: बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के प्रमाणपत्र को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब यह प्रमाणपत्र जारी होने की तारीख से पूरे एक साल तक मान्य रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जा
Bihar: बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के प्रमाणपत्र को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब यह प्रमाणपत्र जारी होने की तारीख से पूरे एक साल तक मान्य रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है, जिससे अब छात्रों और नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को बार-बार प्रमाणपत्र बनवाने की परेशानी नहीं होगी।
पहले नियम यह था कि EWS प्रमाणपत्र जारी होने के बाद अगले वित्तीय वर्ष की 31 मार्च तक ही वैध रहता था। इस वजह से कई लोगों को साल खत्म होते ही नया सर्टिफिकेट बनवाना पड़ता था। अब सरकार ने इस व्यवस्था को खत्म कर दिया है और प्रमाणपत्र की वैधता को सीधे 12 महीने कर दिया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) समेत सभी भर्ती बोर्डों और संस्थाओं को इस नए नियम का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार ने प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नई गाइडलाइन भी जारी की है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव आय की गणना को लेकर किया गया है। अब EWS प्रमाणपत्र के लिए परिवार की सालाना आय जोड़ते समय माता-पिता की कमाई को शामिल नहीं किया जाएगा। अब केवल आवेदक, उसके पति या पत्नी और आश्रित बच्चों की संयुक्त आय ही गिनी जाएगी।
प्रमाणपत्र पाने के लिए जरूरी शर्तें इस प्रकार हैं:
| मापदंड | शर्त |
|---|---|
| वर्ग | आवेदक सामान्य वर्ग से होना चाहिए |
| सालाना आय | परिवार की कुल आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए |
| खेती की जमीन | 5 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए |
| शहरी आवास | 1000 वर्ग फुट से बड़ा फ्लैट या 100 वर्ग गज से बड़ा प्लॉट नहीं होना चाहिए |
| ग्रामीण आवास | गैर-अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में 200 वर्ग गज से बड़ा प्लॉट नहीं होना चाहिए |
राज्य सरकार का मकसद इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है ताकि भ्रष्टाचार कम हो और लोगों को समय पर प्रमाणपत्र मिल सके। सवर्ण आयोग के सदस्य राजकुमार सिंह ने भी सरकार के इस फैसले की पुष्टि की है।