Bihar: जमुई के झाझा ग्रामीण कार्य विभाग में तैनात कार्यपालक अभियंता Gopal Kumar के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने छापेमारी की है। इस कार्रवाई में आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में पता चला है
Bihar: जमुई के झाझा ग्रामीण कार्य विभाग में तैनात कार्यपालक अभियंता Gopal Kumar के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने छापेमारी की है। इस कार्रवाई में आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में पता चला है कि इंजीनियर ने अपनी कमाई से कहीं ज्यादा संपत्ति बना ली है, जिसमें कैश और जमीन के कागजात शामिल हैं।
93 दिनों में कैसे बढ़ी इतनी संपत्ति?
EOU की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 12 फरवरी 2026 को Gopal Kumar ने अपने पास केवल 22,180 रुपये कैश घोषित किए थे, लेकिन 16 मई 2026 की छापेमारी तक यह रकम बढ़कर 47.68 लाख रुपये हो गई। यानी महज 93 दिनों में कैश 215 गुना बढ़ गया। इसके अलावा एक फ्लैट के लिए 80 लाख रुपये कैश देने के दस्तावेज भी मिले हैं, जिससे यह रकम और ज्यादा हो जाती है।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
पटना और जमुई स्थित ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी और जेवरात मिले हैं। पटना के जगत विला अपार्टमेंट से 39.65 लाख और जमुई के किराए के मकान से 8 लाख रुपये कैश बरामद हुए। इसके अलावा 60.47 लाख रुपये के सोने के गहने और करीब 1 किलो चांदी बरामद की गई है। जांच में सगुना मोड़ के पास JB Mall में 70 लाख रुपये की दो दुकानें और दानापुर में एक निर्माणाधीन G+3 बिल्डिंग के कागजात भी मिले हैं।
गाड़ी और अन्य निवेशों का क्या है मामला?
जांच में पाया गया कि 19 लाख रुपये की एक Hyundai Creta SUV खरीदी गई, लेकिन उसे Surendra Mohan/Prasad नाम के व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर कराया गया। EOU अब इस व्यक्ति को नोटिस भेजकर पूछताछ करेगी। इसके साथ ही इंजीनियर के नाम पर 7 LIC पॉलिसी मिली हैं, जबकि उन्होंने केवल 3 की जानकारी दी थी। विभाग ने अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है और आगे की जांच जारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इंजीनियर गोपाल कुमार ने कुल कितनी संपत्ति बनाई है?
EOU की शुरुआती जांच के अनुसार, गोपाल कुमार ने कुल 2,00,61,000 रुपये की संपत्ति बनाई है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 81.5% अधिक है।
छापेमारी के बाद अब आगे क्या कार्रवाई होगी?
EOU अब गोपाल कुमार को कानूनी नोटिस जारी कर संपत्ति के लिए दिए गए भारी कैश भुगतान का स्रोत पूछेगी और ग्रामीण कार्य विभाग के साथ मिलकर विभागीय कार्रवाई पूरी करेगा।