Bihar: राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस की वजह से बिजली की खपत ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 20 मई 2026 को बिहार में बिजली की डिमांड अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। लोग गर्मी से बचने के लिए AC और कूलर का ज
Bihar: राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी और उमस की वजह से बिजली की खपत ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 20 मई 2026 को बिहार में बिजली की डिमांड अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। लोग गर्मी से बचने के लिए AC और कूलर का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे ग्रिड पर लोड काफी बढ़ गया है।
बिजली खपत के नए आंकड़े क्या कहते हैं?
बुधवार 20 मई को बिहार में बिजली की खपत 8818 मेगावाट (MW) तक पहुंच गई, जो कि अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। इससे पहले पिछले साल 12 जुलाई को 8560 मेगावाट का रिकॉर्ड बना था। सोमवार को यह मांग 8200 मेगावाट थी, जो देखते ही देखते तेजी से बढ़ी। राज्य में बिजली की उपलब्धता फिलहाल 10440 मेगावाट है, जो मुख्य रूप से NTPC के प्लांट से मिल रही है।
पटना में सबसे ज्यादा लोड और भविष्य का अनुमान
राजधानी Patna शहर अकेले पूरे राज्य की कुल बिजली खपत का करीब 10% हिस्सा है। Patna Electricity Supply Unit (PESU) ने 19 मई को 808.6 मेगावाट का लोड दर्ज किया। अधिकारियों के मुताबिक, रात 8 बजे से 12 बजे के बीच सबसे ज्यादा लोड रहता है। बिजली कंपनी का अनुमान है कि जुलाई से सितंबर के बीच यह मांग 9500 से 9600 मेगावाट तक जा सकती है।
आम लोगों के लिए PESU ने क्या कदम उठाए हैं?
बढ़ती डिमांड को देखते हुए PESU ने सप्लाई सिस्टम की स्पेशल मॉनिटरिंग शुरू कर दी है ताकि उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के बिजली मिल सके। पिछले दो दशकों में बिहार में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत पांच गुना बढ़ी है और बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में करीब 12.5 गुना की बढ़ोतरी हुई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में अब तक की सबसे ज्यादा बिजली खपत कितनी रही है?
20 मई 2026 को बिहार में बिजली की खपत का नया रिकॉर्ड बना, जब डिमांड 8818 मेगावाट (MW) तक पहुंच गई थी।
पटना शहर में बिजली की स्थिति क्या है?
पटना पूरे बिहार की कुल बिजली खपत का लगभग 10% हिस्सा इस्तेमाल करता है। PESU ने 19 मई को यहाँ 808.6 मेगावाट का लोड रिकॉर्ड किया था।