Bihar में पारदर्शी परीक्षा और शिक्षा सुधार के लिए 4 बड़े ऐलान, AI से होगा मूल्यांकन और शुरू होगा नया पोर्टल

Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए चार बड़े बदलावों की घोषणा की है। इन सुधारों का मुख्य मकसद परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना और छा

Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए चार बड़े बदलावों की घोषणा की है। इन सुधारों का मुख्य मकसद परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना और छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान करना है। सरकार ने इसके लिए नई समितियों के गठन और डिजिटल व्यवस्थाओं को लागू करने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं को निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए एक राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति बनाने का ऐलान किया है। यह समिति बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा के मूल्यांकन में तकनीक और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल करेगी। इससे छात्रों की समझ और विश्लेषण क्षमता का बेहतर आकलन हो सकेगा और पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एक अलग राज्य स्तरीय समिति भी गठित की जाएगी।

छात्रों की सुविधा के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाएगा, जहाँ वे अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे भेज सकेंगे। इस पोर्टल की खास बात यह है कि 30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान करना होगा। अगर तय समय में समाधान नहीं निकलता है, तो मुख्यमंत्री स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ लगाए जाएंगे, जिनमें जिलाधिकारी भी शामिल होंगे।

शिक्षकों और भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी अहम फैसले लिए गए हैं। शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) की रफ्तार बढ़ाई गई है और माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में विषयवार खाली पदों का नया ब्योरा मांगा गया है, जिससे पदों की संख्या बढ़ सकती है। इसके अलावा, सरकारी शिक्षकों के लिए छुट्टी लेने की प्रक्रिया अब ऑनलाइन होगी और आवेदन पर 24 घंटे के भीतर फैसला लिया जाएगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि अगले दो वर्षों में सरकारी स्कूलों की क्वालिटी ऐसी होगी कि बड़े अधिकारियों और नेताओं के बच्चे भी वहां पढ़ेंगे। 15 अगस्त से डिजिटल शिक्षा की नई प्रणाली शुरू होगी, जिसमें रात 11 बजे तक लाइव शिक्षकों की मदद उपलब्ध रहेगी। वहीं, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्कूलों में हाफ-डे और कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य करने की घोषणा की है।