Bihar: बिहार के स्कूली बच्चों के कंधों का बोझ कम करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को NCERT की गाइडलाइंस का पालन करना होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के ब
Bihar: बिहार के स्कूली बच्चों के कंधों का बोझ कम करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को NCERT की गाइडलाइंस का पालन करना होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद यह कदम उठाया गया है ताकि बच्चों पर शारीरिक दबाव कम हो सके और वे बिना किसी परेशानी के स्कूल जा सकें।
कितना होना चाहिए स्कूल बैग का वजन
बिहार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि अब स्कूल बैग का कुल वजन बच्चे के शरीर के कुल वजन के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए। यह नियम NCERT स्कूल बैग नीति 2020 पर आधारित है। इसके लिए सभी निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को अपने परिसर में वजन मापने की मशीन लगानी होगी ताकि नियमित रूप से बैग का वजन चेक किया जा सके।
कक्षा 1 से 5 तक के लिए क्या हैं नए नियम
छोटे बच्चों के लिए विभाग ने खास निगरानी की व्यवस्था की है। कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों को हर तीन महीने में एक दिन रैंडम तरीके से बच्चों के बैग का वजन जाँचना होगा। अगर किसी बच्चे का बैग ज्यादा भारी पाया जाता है, तो इसकी जानकारी तुरंत अभिभावकों को दी जाएगी। साथ ही एक-दो हफ्ते तक इस बात की निगरानी की जाएगी कि बच्चा हल्का बैग ला रहा है या नहीं।
स्कूलों के लिए जरूरी निर्देश और कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्कूलों को ऐसी समय-सारिणी (Time-table) बनाने को कहा है जिससे छात्रों को हर दिन सारी किताबें न लानी पड़ें। नियमों का पालन न करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी पहल का मकसद बिहार की शिक्षा प्रणाली को छात्रों और उनके माता-पिता के लिए अधिक सुलभ और बेहतर बनाना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में स्कूल बैग के वजन के लिए क्या नियम तय किया गया है
नियम के अनुसार स्कूल बैग का कुल वजन बच्चे के शरीर के कुल वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। यह NCERT स्कूल बैग नीति 2020 के आधार पर लागू किया गया है।
भारी बैग होने पर शिक्षक क्या कदम उठाएंगे
कक्षा 1 से 5 के शिक्षक हर तीन महीने में बैग का वजन चेक करेंगे। बैग भारी होने पर अभिभावकों को सूचित किया जाएगा और एक-दो सप्ताह तक निगरानी रखी जाएगी।