Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य को एक बड़ा पर्यटन हब बनाने के लिए इको-टूरिज्म की एक व्यापक योजना शुरू की है। इस योजना के तहत सरकारी जलाशयों के आसपास पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर पर्यटन सुविधाएं विकसि
Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य को एक बड़ा पर्यटन हब बनाने के लिए इको-टूरिज्म की एक व्यापक योजना शुरू की है। इस योजना के तहत सरकारी जलाशयों के आसपास पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को प्रकृति से जोड़कर पर्यटकों को आकर्षित करना है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इको-टूरिज्म के तहत कहां-कहां होगा विकास
बिहार सरकार ने कई खास इलाकों को पर्यटन केंद्र के रूप में चुनने का फैसला किया है। मुंगेर के असरगंज में ढोल पहाड़ी को इको-टूरिज्म केंद्र बनाने के लिए 12.49 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं, जहानाबाद के वाणावर को 49.08 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है, जिसका काम 2027 तक पूरा होगा। इसके अलावा, राज्य के आठ बांधों को पर्यटन स्थल बनाने के लिए जल संसाधन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा और मास्टरप्लान
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गया, बोधगया, राजगीर, नालंदा और वैशाली जैसे पांच प्रमुख शहरों के लिए टूरिस्ट मास्टरप्लान की समीक्षा की है। सरकार अब पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने की अधिसूचना को लागू कर रही है, ताकि निजी निवेश बढ़ सके। पर्यटकों की सुविधा के लिए पहाड़ी इलाकों में हेलीपैड बनाने की भी योजना है और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
प्रमुख परियोजनाओं की सूची
| परियोजना/स्थान |
बजट/विवरण |
समय सीमा/स्थिति |
| ढोल पहाड़ी, मुंगेर |
12.49 करोड़ रुपये |
उद्घाटन 26 अप्रैल 2026 |
| वाणावर, जहानाबाद |
49.08 करोड़ रुपये |
2027 तक पूरा होगा |
| धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल |
400 करोड़ रुपये से अधिक |
कैबिनेट मंजूरी प्राप्त |
| मत्स्यगंधा झील व करमचट बांध |
वैश्विक स्तर पर विकास |
केंद्र सरकार की मंजूरी |
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में इको-टूरिज्म के लिए कौन सा मॉडल अपनाया जा रहा है?
बिहार सरकार सरकारी जलाशयों के पास पर्यटन सुविधाएं विकसित करने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल का उपयोग कर रही है।
पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से क्या फायदा होगा?
पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से राज्य में निजी निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे।