Bihar: बिहार सरकार राज्य में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा प्लान लेकर आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में जलाशयों, तालाबों और वेटलैंड्स के आसपास आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस योजना का
Bihar: बिहार सरकार राज्य में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा प्लान लेकर आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में जलाशयों, तालाबों और वेटलैंड्स के आसपास आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस योजना का मुख्य मकसद पर्यावरण को बचाते हुए पर्यटन को बढ़ाना है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
इको टूरिज्म प्लान में क्या खास होगा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य के सभी बड़े जलाशयों और झीलों के पास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर सुविधाएं विकसित की जाएं। यहां पर्यटकों के रुकने, खाने और घूमने के लिए आधुनिक इंतजाम होंगे। साथ ही, पर्यटकों को खींचने के लिए विशेष टूर पैकेज भी तैयार किए जाएंगे।
वेटलैंड्स और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
बिहार में कुल 4526 वेटलैंड्स (आर्द्रभूमियां) पहचानी गई हैं, जिनमें से 4316 का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। सरकार अब 11 जिलों में मौजूद 100 हेक्टेयर से बड़े वेटलैंड्स को टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित करेगी। पर्यावरण मंत्री रामचन्द्र प्रसाद ने बताया कि राज्य में हरित आवरण (Green Cover) को बढ़ाकर 17% करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा और जल संरक्षण पर ध्यान दिया जाएगा।
अन्य प्रमुख विकास कार्य और बजट
इको टूरिज्म के तहत ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों को भी जोड़ा जाएगा। पहाड़ी इलाकों में हेलीपैड बनाने और ‘जैन सर्किट’ को विकसित करने की योजना है। नवंबर 2025 में सरकार ने वन अवसंरचना और इको-टूरिज्म सुधार के लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इसमें वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR), गौतम बुद्ध वन्यजीव अभयारण्य और रोहतास व कैमूर के वन क्षेत्रों का सुधार शामिल है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में कितने वेटलैंड्स को विकसित किया जाएगा
बिहार में कुल 4526 वेटलैंड्स चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 11 जिलों में स्थित 100 हेक्टेयर से बड़े वेटलैंड्स को पर्यटक स्थलों के रूप में विकसित करने की योजना है।
पर्यटन सुविधाओं के लिए कौन सा मॉडल अपनाया जाएगा
मुख्यमंत्री ने राज्य के बड़े जलाशयों और तालाबों के पास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए हैं।