Bihar में ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, 70 जगहें बनेंगी पिकनिक स्पॉट, होमस्टे के लिए मिलेंगे 11 लाख रुपये तक
Bihar: बिहार सरकार राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए ईको-टूरिज्म पर बड़ा फोकस कर रही है। अगले पांच सालों में राज्य की 60 से 70 जगहों को शानदार पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल से न केवल पर्य
Bihar: बिहार सरकार राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए ईको-टूरिज्म पर बड़ा फोकस कर रही है। अगले पांच सालों में राज्य की 60 से 70 जगहों को शानदार पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल से न केवल पर्यटकों को घूमने के लिए नई जगहें मिलेंगी, बल्कि पर्यटन और उससे जुड़े सेक्टर में करीब 20 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया कि राज्य में 50 से ज्यादा नए संभावित ईको-टूरिज्म स्थलों की पहचान की गई है। फिलहाल बिहार में 10-15 साइट्स एक्टिव हैं और 24 से ज्यादा बड़ी जगहों पर काम चल रहा है। इन सभी पर्यटन स्थलों पर नेचर ट्रेल, वॉचटॉवर, ईको-कॉटेज और डिजिटल साइन बोर्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी।
स्थानीय लोगों की कमाई बढ़ाने के लिए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री होम-स्टे प्रोत्साहन योजना-2026’ शुरू की है। इसके तहत अगले पांच साल में 1,000 होमस्टे कमरे बनाने का लक्ष्य है, जिसके लिए 25 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। होमस्टे चलाने वालों को प्रति कमरा 2.50 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी। सामान्य श्रेणी के लोग अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता ले सकेंगे। वहीं महिलाओं, सेल्फ हेल्प ग्रुप और 18-25 साल के युवाओं को 25,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे, जिससे उनकी कुल मदद 11 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक अनोखा नियम भी बनाया है। अब राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हर तीन महीने में एक बार दो दिन और दो रात के लिए बिहार के पर्यटन या ईको-टूरिज्म स्थलों पर छुट्टी मनाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकारी जलाशयों, तालाबों और वेटलैंड्स के पास PPP मॉडल के जरिए ईको-टूरिज्म विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य के कई प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है। बराबर हिल्स के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। वहीं वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, कैमूर वन्यजीव अभयारण्य, भीमबंध, राजगीर पहाड़ियां, काकोलत जलप्रपात और विक्रमशिला डॉल्फिन सैंक्चुअरी जैसे क्षेत्रों को मुख्य सर्किट में रखा गया है। सहरसा की मत्स्यगंधा झील में 2026 तक ग्लास ब्रिज और सुपर ट्री जैसे आकर्षण तैयार हो जाएंगे, जबकि वाल्मीकि नगर में लव-कुश पार्क और आइकॉनिक टूरिज्म पार्क 2027 तक बनकर तैयार होंगे।