Bihar: भागलपुर और मुंगेर जिले से संबंध रखने वाले डॉ. नीतीश दूबे अपनी कंपनी Burnett Homeopathy के जरिए भारतीय होम्योपैथी को दुनिया के सामने ले जा रहे हैं। वे लंदन के ब्रिटिश पार्लियामेंट में एक होम्योपैथी समिट होस्ट करने
Bihar: भागलपुर और मुंगेर जिले से संबंध रखने वाले डॉ. नीतीश दूबे अपनी कंपनी Burnett Homeopathy के जरिए भारतीय होम्योपैथी को दुनिया के सामने ले जा रहे हैं। वे लंदन के ब्रिटिश पार्लियामेंट में एक होम्योपैथी समिट होस्ट करने जा रहे हैं। यह कदम भारतीय पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की एक बड़ी कोशिश है।
ब्रिटिश पार्लियामेंट में समिट का क्या महत्व है?
डॉ. नीतीश दूबे का लक्ष्य भारतीय होम्योपैथी को दुनिया के बड़े विधायी मंच पर स्थापित करना है। उनका मानना है कि इसे एक वैज्ञानिक विकल्प के रूप में पेश करना जरूरी है। इससे पहले उन्होंने दुबई और जर्मनी में भी वर्ल्ड होम्योपैथी समिट का आयोजन किया था। गोवा में हुए पिछले सम्मेलन के बाद ही ब्रिटिश पार्लियामेंट में अगले शिखर सम्मेलन की घोषणा की गई थी।
अब तक कहाँ-कहाँ हुए हैं मुख्य आयोजन?
- वर्ल्ड होम्योपैथी समिट 2: 14 जुलाई 2024 को दुबई में हुआ।
- वर्ल्ड होम्योपैथी समिट 3: 14 अप्रैल 2025 को जर्मनी में आयोजित हुआ।
- एविडेंस-बेस्ड रिसर्च समिट 2025: अगस्त 2025 में गोवा में हुआ, जहाँ लंदन समिट की बात तय हुई।
सरकारी स्तर पर कैसी है प्रतिक्रिया?
गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने इस पहल की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से वैकल्पिक चिकित्सा का केंद्र रहा है और अब समय है कि इन प्रणालियों को साक्ष्य और गर्व के साथ विश्व मंच पर ले जाया जाए। डॉ. दूबे के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया भारतीय होम्योपैथी में एक नए बदलाव की शुरुआत है।